क्या आपको अक्सर थकान और कमजोरी महसूस होती है या फिर ध्यान लगाने में दिक्कत होती है? विटामिन B1—2 हमारे शरीर के लिए एक बेहद ज़रूरी पोषक तत्व है, जो नसों के स्वास्थ्य, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और दिमाग के सुचारू रूप से काम करने के लिए ज़रूरी है। इसकी कमी से शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है। आइए जानते हैं विटामिन B—12 की कमी के लक्षणों, उनके मुख्य कारणों और शरीर में इस विटामिन की पूर्ति करने के उपाय के बारे में…
विटामिन B—12 की कमी के 11 मुख्य लक्षण
चिड़चिड़ापन (गुस्सा आना) : बिना किसी ठोस कारण के अकारण गुस्सा आना और चिड़चिड़ा महसूस करना, जो विटामिन B—12 की कमी से तंत्रिका तंत्र पर पड़ने वाले असर को दर्शाता है।
याददाश्त कमजोर होना/दिमाग सुन्न पड़ना : नई चीज़ें याद रखने में कठिनाई, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत और दिमागी धुंधलापन महसूस होना।
त्वचा पीली पड़ना (खून की कमी) : त्वचा का फीका और पीला पड़ना। यह अक्सर खून की कमी (एनीमिया) का संकेत होता है, क्योंकि B—12 की कमी से लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य रूप से नहीं बन पाती हैं। (इसका संकेत पलक के अंदर फीकेपन से भी है)।
मैक्रो-अंडाकार कोशिकाएं (खून की रिपोर्ट में) : खून की जांच में सामान्य से बड़ी, अनियमित आकार की (मैक्रोसाइटिक) लाल रक्त कोशिकाएं दिखना, जो इस कमी का एक लैब सुराग है।
मुंह में छाले : मुंह के अंदर की कोमल त्वचा और मसूड़ों पर बार-बार दर्दनाक छाले (अल्सर) होना।
जीभ लाल और सूजी हुई होना (ग्लॉसिटिस) : जीभ का बहुत लाल, चिकना, सूजा हुआ और दर्दनाक होना, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ग्लॉसिटिस कहते हैं।
हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्न होना : हाथों और पैरों में “सुई जैसी चुभन” महसूस होना या सुन्नपन। यह तंत्रिका क्षति (नर्व डैमेज) का शुरुआती संकेत है।
थकान और कमजोरी : बिना कोई भारी काम किए भी दिन भर बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होना।
सांस फूलना : थोड़ा सा चलने या मेहनत करने पर भी सांस फूलना। यह एनीमिया के कारण ऑक्सीजन की कमी को दर्शाता है।
चलने में लड़खड़ाहट (चाल अस्थिर होना) : तंत्रिका तंत्र की खराबी के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ना और चलने में लड़खड़ाहट या अड़चन महसूस होना।
कंपन महसूस करने में दिक्कत : शरीर को कंपन या वाइब्रेशन महसूस करने की क्षमता में कमी आना।
खून की जांच में विटामिन B—12 की कमी का पता इन सुरागों से लगता है—
- MCV का बढ़ना (बड़ी कोशिकाएं) : लाल रक्त कोशिकाओं का औसत आकार (MCV) सामान्य से ज्यादा होना।
- विटामिन B—12 का स्तर कम होना : खून में सक्रिय विटामिन B12 का स्तर निर्धारित सीमा से नीचे होना।
- MMA का स्तर बढ़ना : खून या मूत्र में मिथाइलमैलोनिक एसिड (MMA) का बढ़ा हुआ स्तर।
- होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ना : खून में होमोसिस्टीन नामक अमीनो एसिड का बढ़ा हुआ स्तर।
विटामिन B12 की कमी के 4 मुख्य कारण
कमी सिर्फ़ खान-पान से नहीं, बल्कि इन कारणों से भी हो सकती है
- हानिकारक एनीमीआ (Pernicious Anemia) : एक ऑटोइम्यून स्थिति जिसमें शरीर पेट में एक ज़रूरी प्रोटीन (Intrinsic Factor) नहीं बना पाता, जो भोजन से B—12 सोखने के लिए ज़रूरी है।
- शाकाहारी भोजन या कम खाना : चूंकि विटामिन B—12 प्राकृतिक रूप से सिर्फ़ पशुजन्य पदार्थों में पाया जाता है, इसलिए सख्त शाकाहारी या वीगन (vegan) डाइट लेने वालों में इसकी कमी का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
- आंतों में अवशोषण की समस्या (Ileal Disease) : आंतों की कुछ बीमारियां (जैसे Crohn’s रोग) या आंतों की सर्जरी के कारण शरीर B—12 को ठीक से नहीं सोख पाता है।
- दवाओं का असर (Metformin और एसिडिटी की दवाएं) : कुछ दवाएं, जैसे टाइप-2 डायबिटीज के लिए ‘मेटफॉर्मिन’ और एसिडिटी के लिए ‘PPIs’, विटामिन B12 के अवशोषण में बाधा डाल सकती हैं।
विटामिन B12 की कमी दूर करने के प्रमुख उपाय
विटामिन B-12 की कमी को पूरा करने के लिए आहार में दूध, दही, पनीर, अंडे, मछली, और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों (फोर्टिफाइड अनाज, सोया दूध) को शामिल करें। कमी गंभीर होने पर डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन का उपयोग करें। शाकाहारी लोग पालक, चुकंदर और अंकुरित अनाज का सेवन बढ़ा सकते हैं। महत्वपूर्ण सलाह : अपने आहार में प्रतिदिन Vitamin B—12 युक्त चीजों को शामिल करें, क्योंकि शरीर इसे स्टोर नहीं करता है। शरीर में इस विटामिन का स्तर 300 माइक्रोग्राम से कम नहीं होना चाहिए। थकान, कमजोरी, हाथों-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होने पर डॉक्टर से जांच कराएं।
- डेयरी उत्पाद (Dairy Products ) : प्रतिदिन कम से कम 250 मिलीलीटर दूध या उससे बने उत्पाद जैसे दही, पनीर और छाछ का सेवन करें।
- अंडे और मांसाहार : यदि आप मांसाहारी हैं, तो मछली, अंडा, लीवर और लाल मांस (red meat) विटामिन B12 के बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत हैं। अंडे की जर्दी में अच्छी मात्रा होती है।
- फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ (Fortified Foods) : शाकाहारी लोगों के लिए, फोर्टिफाइड नाश्ते के अनाज, सोया दूध, बादाम का दूध और न्यूट्रिशनल यीस्ट (nutritional yeast) उत्तम विकल्प हैं।
- मशरूम : कुछ प्रकार के मशरूम (जैसे शिटाके मशरूम) में थोड़ी मात्रा में विटामिन B12 होता है।
- फर्मेटेड फूड्स (Fermented Foods) : दही में भीगी हुई बासी रोटी या अन्य फर्मेटेड खाद्य पदार्थ।
- सप्लीमेंट्स और इंजेक्शन: यदि विटामिन B—12 की कमी अधिक है तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन B—12 सप्लीमेंट्स (गोलियां) या इंजेक्शन (जैसे- मिथाइलकोबालामिन) लें।
ज़रूरी सलाह : यदि आप इनमें से कई लक्षण महसूस कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लें और खून की जांच कराएं। यह जानकारी केवल स्वास्थ्य जागरुकता के लिए है और चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।

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