March 30, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

भारत बना रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा निर्यातक, डीजल के लिए पड़ोसी देशों की बढ़ी मांग: MEA

नई दिल्ली
मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत से उसके पड़ोसी देशों ने खास गुजारिश की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि बांग्लादेश, मालदीव और श्रीलंका ने डीजल आपूर्ति का अनुरोध भारत से किया है। गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि भारत अपनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आगे का फैसला लेगा। जायसवाल ने कहा, "भारत रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का प्रमुख निर्यातक है, विशेषकर अपने पड़ोसियों के लिए—जैसे बांग्लादेश सरकार से डीजल आपूर्ति के लिए अनुरोध प्राप्त हुआ है।"

बांग्लादेश से भारत के पुराने रिश्तों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा, "उनके साथ हमारे जन-केंद्रित और विकासोन्मुख दृष्टिकोण को देखते हुए, 2007 से नुमालीगढ़ रिफाइनरी से हम विभिन्न माध्यमों—जैसे जलमार्ग, रेलमार्ग, और बाद में भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन—से डीजल की आपूर्ति कर रहे हैं। अक्टूबर 2017 में नुमालीगढ़ रिफाइनरी और बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के बीच हाई-स्पीड डीजल आपूर्ति को लेकर एक समग्र बिक्री-खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किया गया था। यह 2007 से जारी है।"

उन्होंने कहा कि हमें बांग्लादेश के अलावा मालदीव और श्रीलंका से भी अनुरोध प्राप्त हुआ है। भारत विचार कर रहा है, लेकिन हम अपनी ऊर्जा आवश्यकता और डीजल की उपलब्धता को देखते हुए आगे बढ़ेंगे।" एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी देशों के कई नेताओं से बातचीत की है। प्रधानमंत्री ने "संवाद और कूटनीति के जरिए जल्द शांति बहाल करने पर जोर दिया," जिससे हमारे नागरिक लौट सकें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत में नागरिकों को होने वाले नुकसान से बचाने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) में हमारे कई नागरिक रहते हैं। भारत का स्पष्ट मत रहा है कि किसी देश की संप्रभुता या अखंडता के उल्लंघन को हम सही नहीं मानते हैं।

Spread the love