Top 10 Hill Stations in India : भारत ऐसा देश है जहां प्राकृतिक सौन्दर्य बिखरा पड़ा है। विविधता में एकता के साथ-साथ इस देश की खास बात यह है कि प्रकृति ने इसे बहुत ही खूबसूरती से संवरा है। मौसम कोई भी हो भारत में घूमने के लिए जगह की कोई कमी नहीं है। हम आपको भारत के ऐसे 10 हिल स्टेशन के बारे में बता रहे हैं, जो आपकी यात्रा को कभी ना भूलने वाले रोमांच और सुखद अहसास से भर देंगे। यदि आप भी परिवार या दोस्तों के साथ टूर प्लान कर रहे हैं तो यह टॉप 10 हिल स्टेशन Top 10 Hill Stations आपको सुखद और आनंददायक अनुभव देकर आपकी यात्रा को यादगार बनाएंगे…

1. दार्जिलिंग : “पहाड़ों की रानी”
“पहाड़ों की रानी” कहा जाने वाला दार्जिलिंग, प्रकृति के साथ अनोखा सामंजस्य बैठाए हुए है, जिसे देखना हर पर्यटक की चाहत होती है। यहां के “हिमालयन रेलवे” को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में भी स्थान दिया गया है। पश्चिम बंगाल का बेहद ही खूबसूरत हिल स्टेशन, दार्जिलिंग समुद्र तल से 6700 फीट की ऊँचाई पर है, जो अपनी हरी-भरी घाटियों, पहाड़ियों तथा हिमालय की बर्फ से ढकी हुई राजसी चोटियों से विश्व भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां के चाय के बागान और विशाल मठ, इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं।
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर
बर्फ की चादर ओढ़े चारों ओर पहाड़ के बीचो-बीच आती हुई धूप से सराबोर टट्टू रोड हो या फिर भक्ति भाव में डूबने के लिए भगवान शिव का अद्भुत वास्तुकला वाला धीरधाम मंदिर, अपनी छटा से यह सभी दार्जिलिंग के मनोरम दृश्यों को आंखों में बस जाने वाला दृश्य प्रदान करते हैं। सूरज की पहली किरण पड़ने पर कंचनजंघा की चमकती चोटी, दार्जिलिंग को स्वर्ग की उपाधि दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ती है।
दार्जिलिंग में घूमने की प्रमुख जगह
टाइगर हिल, शांति पैगोडा, रॉय विला, एवा आर्ट गैलरी, बतासिया लूप, रॉक गार्डन, घूम मोनेस्ट्री, हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान, नेओरा वैली नेशनल पार्क, हैप्पी वैली टी स्टेट, दाली मठ, दार्जिलिंग रंजीत वैली, दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, लॉयड बॉटनिकल गार्डन, तेनजिंग और गोम्बू रॉक, चौरास्ता मॉल, जापानी मंदिर, संताक्फु ट्रैक, सेंचल झील एवं वन्य जीव अभ्यारण्य, पद्मजा नायडू प्राणी उद्यान, जमुनी टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स, भूटिया बस्ती मठ, सेंट एनड्रयू चर्च, कोकिला झाड़ी आदि दार्जिलिंग के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
2. श्रीनगर : धरती का स्वर्ग
जम्मू और कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी, श्रीनगर झेलम नदी के किनारे बसा हुआ खूबसूरत हिल स्टेशन है। प्राकृतिक दृश्यों की खूबसूरती का यह संग्रह श्रीनगर की हाउसबोट, झीलों और बगीचों के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है जहां की प्रसिद्ध “डल झील”, लोगों के लिए “श्रीनगर का गहना” की संज्ञा लिए हुए है। कहा जाता है न कि ‘अगर धरती में स्वर्ग है, तो यहीं है’। इसकी खूबसूरती का एहसास सिर्फ यहां आकर ही किया जा सकता है। अपने सुहावने मौसम और हरी भरी वादियों के कारण, यह स्थान पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है।
श्रीनगर में घूमने की जगह
डल झील, परी महल, शंकराचार्य मंदिर, निगीन झील, बोटैनिकल गार्डन, जामिया मस्जिद, हजरतबल दरगाह, हरवान गार्डन, दाचीग्राम राष्ट्रीय उद्यान, श्री अमरनाथ गुफा मंदिर, निशात गार्डन, चश्मा शाही, हरी पर्वत किला, ट्यूलिप गार्डन, बदामवारी, शालीमार गार्डन आदि घूमने की जगह हैं।
3. शिलांग : ‘स्कॉटलैंड ऑफ़ द ईस्ट’
मेघालय की राजधानी, शिलांग, भारत के खूबसूरत हिल स्टेशन में से एक है जिसको ‘स्कॉटलैंड ऑफ़ द ईस्ट’ के नाम से भी जाना जाता है। चारों ओर से पहाड़ियों से घिरा हुआ शिलांग, समुद्र तल से 1525 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है जो उपनिवेश काल में अंग्रेजों की पहली पसंद रहा करता था। अगर इसको झरनों का शहर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। यहां हर तरफ झरने ही झरने हैं, जिनकी छन छन करती आवाज इसके शांत वातावरण में खूबसूरती की झंकार पैदा करती है। असम की राजधानी गुवाहाटी से शिलांग की दूरी 100 किलोमीटर है। यहां पानी का शोर करते हुए झरने, इतिहास के पन्ने समेटे हुए संग्रहालय, शिलांग पीक से दिखने वाली पूरे शिलांग की खूबसूरती तथा शॉपिंग पसंद और खाने पीने के शौक़ीन लोगों के लिए यहां की पुलिस बाजार की मार्केट, शिलांग की हरी भरी वादियों में चार चांद लगाते हैं।
शिलांग में घूमने की जगह
शिलांग पीक, एलीफैंट वॉटरफॉल, डॉन बोस्को म्यूजियम, वार्ड्स लेक, एयरफोर्स म्यूजियम, कैथेड्रल ऑफ़ मैरी हेल्प ऑफ़ क्रिस्चियन चर्च, पुलिस बाज़ार तथा लेडी हैदरी पार्क आदि घूमने की जगह हैं।
4. लेह लद्दाख : सुंदरता तथा धार्मिकता से ओत प्रोत
लेह लद्दाख जिसकी समुद्र तल से ऊँचाई 2300 मीटर से 5000 मीटर तक है, इसकी खूबसूरती को शब्दों में बयां करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। लेह लद्दाख, अपने में कल कल करती नदियां, प्राचीन मठ, शांत जल को समेटे हुए झीलें, सुन्दर गांव, हरी भरी घाटियां तथा संग्रहालय का संयोजन समेटे हुए है, जहां एडवेंचर्स के लिए ट्रेकिंग, मोटर बाइकिंग और रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियां भी हैं, इसे प्रकृति का अद्भुत वरदान कहना या प्रकृति प्रेमियों का खजाना कहना उचित होगा।
लेह की पैंगोंग झील, जो पर्यटकों के बीच मशहूर है, प्रकृति के आश्चर्यों से भरी है जो समुद्र तल से लगभग 4350 मीटर की ऊँचाई पर है और 160 किलोमीटर तक फैली हुई है। इसका एक तिहाई हिस्सा भारत में तथा शेष दो तिहाई हिस्सा चीन में है। अपनी भव्यता से अन्य सभी स्थानों को मात देने वाला यहां का प्राचीनतम धार्मिक केंद्र, लामायुरु कलाकृतियों का खजाना है। सुंदरता तथा धार्मिकता से ओत प्रोत यह स्थान पर्यटकों को बहुत भाता है।
लेह में घूमने की जगह
लामायुरु, पैंगोंग झील, चुम्बकीय पहाड़ी, नुब्रा घाटी, त्सो मोरिरी झील, शांति स्तूप, हेमिस मठ, फुगताल मठ, कारगिल, चादर ट्रैक, खारदुंग-ला दर्रा, स्पितुक गोम्पा, लेह पैलेस, अलची, थिकसे गोम्पा आदि घूमने की जगह हैं।
5. माउंट आबू : प्रकृति प्रेमियों के लिए वरदान
अरावली पर्वतमाला की हरी-भरी घाटियों से घिरा हुआ माउंट आबू, भारत के अतुल्य राज्य राजस्थान में स्थित है, जिसकी समुद्र तल से ऊँचाई 1722 मीटर है। राजस्थान की रेगिस्तानी जलवायु से राहत देने वाला राज्य का एकमात्र हिल स्टेशन है। शांत झीलों, कल-कल करते झरनों, ऐतिहासिक किलों तथा चारों ओर हरे-भरे जंगलों से घिरा यह स्थान आपको इसकी खूबसूरती निहारने के भरपूर मौके देता है। यहां माउंट आबू, अपने प्राकृतिक सौंदर्य के कारण राजस्थान का हीरा होने के साथ ही साथ प्रकृति प्रेमियों के लिए वरदान है, वहीँ इतिहास प्रेमियों के लिए भी इसने अपने पिटारे में कई रहस्य संजोए रखे हैं।
यहां की मानव निर्मित, नक्की झील पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोडती है, जिसका आनंद लेने के लिए आप यहाँ नौकाविहार भी कर सकते हैं। धार्मिक केंद्र तथा मनमोहक दृश्यों के साथ सबसे ऊँचे स्थान के रूप में अपनी छाप छोड़ने वाला, गुरु शिखर जहां से माउंट आबू का नजारा देखना, जन्नत जैसा है, यह हमेशा पर्यटकों से घिरा रहता है। यहां गुरु दत्तात्रेय का मंदिर भी है। बच्चों, युवाओं से लेकर बड़े बुजुर्गों तक, माउंट आबू ने सभी के लिए अपने आप में कुछ खूबसूरत नगीने छिपा कर रखे हैं।
माउंट आबू में घूमने की जगह
गुरु शिखर, नक्की झील, टॉक रॉक व्यू पॉइंट, माउंट आबू अभयारण्य, दिलवाड़ा जैन मंदिर, लाल मंदिर, ट्रेवर्स टैंक, अचलगढ़ किला, अचलेश्वर, पीस पार्क, श्री रघुनाथ जी मंदिर, अर्बुदा देवी मंदिर तथा शंकर मठ आदि माउंट आबू के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
6. महाबलेश्वर : मनमोहक प्राकृतिक छटा
कृष्णा नदी का उद्गम स्थल, पुणे से 118 किलोमीटर दूर स्थित महाबलेश्वर, सह्याद्री पर्वत श्रृंखलाओं में बसा हुआ महाराष्ट्र का प्रमुख हिल स्टेशन है। यह रसीले स्ट्रॉबेरी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जिसका आर्थर पॉइंट, महाबलेश्वर की खूबसूरती को निहारने का भरपूर मौका देता है। सूर्योदय तथा सूर्यास्त के मनमोहक नजारों के साथ ही यहां के झरने तथा वास्तुकला के अद्भुत उदाहरण, इसकी प्राकृतिक छटा को निहारने लगातार प्रेरित करते हैं। प्राचीन क्षेत्र, ‘शिंदोला’ का कुछ हिस्सा तथा ‘मैलकम पेठ’ से मिलकर बनने वाला, महाबलेश्वर थकान भरी ज़िन्दगी में सुकून के दो पल बिताने के लिए एक आदर्श स्थान है। यहां आकर आप यहां की झीलों, झरनों तथा प्राकृतिक वादियों और हरे-भरे सदाबहार जंगलों के बीच कभी न भूलने वाले पल बिता सकेंगे।
महाबलेश्वर में घूमने की जगह
बैबिंगटन पॉइंट, प्रतापगढ़ किला, विल्सन पॉइंट, तपोला, महाबलेश्वर मंदिर, एलीफैंट हेड पॉइंट, आर्थर सीट, पंचगंगा मंदिर, लिंगमाला वॉटरफॉल, मैप्रो गार्डन, एल्फिन्स्टन पॉइंट, वेन्ना झील, कृष्णाबाई मंदिर, चाइनामैन वॉटरफॉल, बॉम्बे पॉइंट, धोबी वॉटरफॉल, लोडविक पॉइंट, ऑन व्हील्स पार्क, हेलेन्स पॉइंट, तथा वेलोसिटी एंटरटेनमेंट आदि घूमने की जगह हैं।
7. शिमला : पर्यटन का जन्नत
शिमला, हरी-भरी पहाड़ियों से घिरा होने के साथ ही साथ बर्फ से ढकी हुई चोटियों में अपनी खूबसूरती को समेटे हुए है। हिमांचल प्रदेश की राजधानी शिमला, देवदार के वृक्षों, शांत झीलों, घाटियों में बहने वाली नदियों, अल्पाइन घास के मैदानों, लकड़ी के शिल्प तथा बर्फ से ढके हुए पहाड़ों वाले मनोरम दृश्यों के कारण पर्यटकों को रिझाता है। रोमांचक लोगों के लिए यह स्थान किसी जन्नत से कम नहीं है, यहां आप स्कीइंग, हेली-स्कीइंग, आइस-स्केटिंग, पैराग्लाइडिंग तथा माउंटेन-साइकिलिंग जैसी गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं।
अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सुहावने मौसम के कारण, शिमला, अंग्रेजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था। शिमला का कुफरी हिल स्टेशन जहां हर साल शीतकालीन खेल महोत्सव होते हैं जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होते हैं। पढाई के भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान से लेकर, शॉपिंग के लिए द मॉल, लक्कड़ बाज़ार, और तिब्बती बाजार जैसे मार्केट में शिमला अपनी विशेषता दर्शाता रहता है।
शिमला में घूमने की जगह
कुफरी, जाखू मंदिर, शिमला शहर, IIAS(भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान), द रिज, मॉल रोड, प्रॉस्पेक्ट हिल, वाईसरीगल लॉज और बॉटनिकल गार्डन, काली बाड़ी मंदिर, तारादेवी मंदिर, हिमाचल राज्य संग्रहालय, पॉटर हिल, ग्लेन, समर हिल, एलीसियम हिल, अन्नाडेल, दूधधारी मंदिर, आर्मी हेरिटेज म्यूजियम तथा क्राइस्ट चर्च प्रमुख घूमने की जगह हैं।
8. नैनीताल : प्रकृति प्रेमियों के लिए उपहार
उत्तराखंड का प्रसिद्ध हिल स्टेशन नैनीताल, प्रकृति प्रेमियों के लिए प्रकृति का एक खूबसूरत उपहार है जो नैनी झील के किनारे होने के कारण उससे गुजरती भीनी-भीनी हवाओं से पूरे नैनीताल को खुशनुमा बना देता है। झीलों का शहर कहा जाने वाला नैनीताल, प्राकृतिक सुन्दरता तथा संसाधनों से भरपूर है। ऐसे झीलों के शहर में खूबसूरत पल बिताने का मन किसका नहीं होगा। समृद्ध विरासत वाले नैनीताल का मुख्य आकर्षण का केंद्र, नैनी झील, जहां गर्मियों के दौरान विभिन्न प्रकार की तैराकी प्रतियोगिताएं होती हैं। साहसिक गतिविधियों में रुचि रखने वालों के लिए नैनीताल में पैराग्लाइडिंग, हॉटबैलूनिंग जैसी गतिविधियां, ट्रिप को रोमांच से भर देती हैं। प्राकृतिक नजारों के बीच ऐसी रोमांचकारी गतिविधियों का अनुभव लेने के लिए नैनीताल पर्यटकों की खास पसंद में शुमार रहा है।
नैनीताल में घूमने की जगह
राज भवन, नैनीताल जू, नैना माता मंदिर, भीमताल झील, इको केव पार्क, नैना पीक, चर्च, रूफटॉप कॉटेजस, श्री भीमेश्वर महादेव मंदिर, सातताल झील, नौकुचियाताल, टिफिन टॉप, जिम कार्बेट नेशनल पार्क, स्नो व्यू पॉइंट, कैंची धाम, तथा हनुमान गढ़ी आदि नैनीताल में घूमने की जगह हैं।
9. मनाली : हिमाचल का कोहिनूर
हिमाचल प्रदेश का मनाली, कुल्लू घाटी के अंतिम छोर में स्थित है। यहां के हरियाली से भरे हुए प्राक्रृतिक नजारों के बीच, सफ़ेद चादर ओढ़े हुए बर्फ से ढके पहाड़, विशिष्ट संस्कृति और व्यास नदी का स्वच्छ जल, मनाली के सौंदर्य में चार चांद लगाते हैं। प्रकृति को करीब से अनुभव करने का एक ऐसा स्थान जहां हर तरफ पक्षियों की चहचहाहट के बीच मन को शांति देने वाले माहौल के साथ साथ रोमांच भी भरपूर है।
मनाली से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रोहतांग पास, मनाली के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है जिसकी समुद्र तल से ऊँचाई 4111 मीटर है। अपनी प्राचीन धरोहर को समेटे हुए यहां का ओल्ड मनाली, पर्यटकों के बीच काफी मशहूर है, जहां के मनु मंदिर में महर्षि मनु ने ध्यान लगाया था। मनाली आकर आप पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग तथा स्कीइंग जैसी साहसिक गतिविधियों का आनंद भी ले सकते हैं। हिमाचल का कोहिनूर के नाम से मशहूर मनाली पर्यटकों को बहुत लुभाता है।
मनाली में घूमने की जगह
रोहतांग पास, सोलंग घाटी, मणिकरण, हिडिम्बा देवी मंदिर, मनु मंदिर, अटल टनल, क्लब हाउस, नेहरु कुंड, नग्गर, सिस्सु विलेज, तिब्बती मठ, कसोल, जोगिनी वॉटरफॉल, हमता पास, ओल्ड मनाली, वन विहार नेशनल पार्क, तथा वशिष्ठ मंदिर आदि प्रमुख घूमने की जगह हैं।
10. मुन्नार : अविस्मरणीय एहसासों का गुलदस्ता
अपनी सुन्दरता और प्रकृति की छटा संजोए हुए इडुक्की जिले की पहाड़ियों में बसा शांत वातावरण के बीच मुन्नार, केरल का मशहूर हिल स्टेशन है, जिसकी समुद्र तल से ऊँचाई 1600 मीटर है। मुन्नार, अविस्मरणीय एहसासों का एक गुलदस्ता है जो रोमांचकारी ट्रैक, सुहाने मौसम, हरे-भरे चाय के बागान, खूबसूरत झीलों, सदाबहार जंगलों तथा धुंध से ढकी हुई पहाड़ियों से सजा हुआ है। दक्षिण भारत के कश्मीर के रूप में पहचान बनाने वाले, मुन्नार की खूबसूरती का अनुभव करने के लिए टॉप स्टेशन से मुन्नार का दिखने वाला नजारा मुन्नार की अलौकिक वादियों को निहारने को विवश कर देता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए उपहार होने के साथ ही साथ यह स्थान वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौक़ीन लोगों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं, जहां वन्यजीव अभ्यारण्य में आपको विभिन्न प्रजातियों के पशुओं को देखने का मौका मिलेगा और यहां के सेल्फी पॉइंट के अद्भुत नजारे आपकी थकान को पल में मिटा देंगे।
मुन्नार में घूमने की जगह
चीयाप्पारा वॉटरफॉल, एलीफैंट पार्क, एराविकुलम नेशनल पार्क, फ्लोरी कल्चर सेंटर, मट्टूपेट्टी बांध, अट्टूकड़ वॉटरफॉल, कुंडला झील, इको पॉइंट, टॉप स्टेशन, अनामुड़ी पीक, पोथामेडू व्यू पॉइंट, ब्लॉसम हाईडल पार्क, तथा टाटा चाय संग्रहालय आदि घूमने की जगह हैं।

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