जींद.
एक सप्ताह बाद दिल्ली से हाइड्रोजन ट्रेन जींद पहुंची। दिल्ली में हाइड्रोजन ट्रेन के एयर ब्रेक की जांच की गई। डीजल इंजन की सहायता से ट्रेन को जींद लाया गया है। सात मार्च को तकनीकी सुधार व मेंटेनेंस के लिए हाइड्रोजन ट्रेन को दिल्ली के शकूरबस्ती भेजा गया था। शनिवार को लगभग साढ़े नौ बजे ट्रेन जींद पहुंच गई थी। इसके बाद इसे हाइड्रोजन प्लांट के यार्ड में खड़ा कर दिया गया है।
हाइड्रोजन प्लांट में इलेक्ट्रोफायर भी खराब पड़ा है, जिससे प्लांट में अच्छी गुणवत्ता वाली गैस का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इलेक्ट्रोफायर की वाल्व खराब बताई जा रही है, जिसे ठीक करने के लिए बाहर से तकनीकी कर्मचारी को बुलाया जाएगा। बता दें कि हाइड्रोजन ट्रेन का रनिंग ट्रायल 25 से 28 फरवरी तक हुआ था। पहले दिन पांडू पिंडारा तक डीजल इंजन की मदद से ट्रेन को ले जाया गया था।
पांडू पिंडारा से आगे ललित खेड़ा तक हाइड्रोजन इंजन के साथ ट्रेन का रनिंग ट्रायल हुआ था। दोनों स्टेशनों के बीच दो बार ट्रेन को चलाया गया था। इस दौरान ट्रेन की स्पीड 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रही थी। फिर पिंडारा पहुंचने के बाद गोहना से आगे मुहाना तक डीजल इंजन के साथ हाइड्रोजन ट्रेन को ले जाया गया। वापसी में ट्रेन को हाइड्रोजन इंजन संग चलाया गया। 26 फरवरी को दूसरे दिन जींद से सोनीपत जाते समय ट्रेन की स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा रही थी।

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