पटना.
राज्य में खनिज परिवहन से जुड़े वाहनों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने अहम निर्णय लिया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अन्य सार्वजनिक वाहनों की तरह अब खनिज ढुलाई में उपयोग वाले सभी वाहनों में व्हीकल लोकेशन डिवाइस (वीएलडी) अनिवार्य होगा और इस डिवाइस की जांच और सत्यापन जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) के स्तर पर किया जाएगा।
खान एवं भू-तत्व विभाग की एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लघु खनिजों के अवैध खनन, परिवहन पर रोक लगाने के लिए वीएलडी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। बैठक में पूर्व में जारी निर्देश का हवाला देकर कहा गया कि सभी खनिज परिवहन वाहनों में प्रमाणित वीएलडी डिवाइस का होना अनिवार्य होगा। डीटीओ कार्यालय इन उपकरणों की तकनीकी जांच, सक्रियता और वास्तविक समय लोकेशन ट्रैकिंग की पुष्टि करेगा। यदि किसी वाहन में वीएलडी नहीं पाया जाता है या वह निष्क्रिय मिलता है, तो संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
बैठक में यह भी कहा गया कि इस व्यवस्था से राजस्व की हानि रोकने के साथ-साथ परिवहन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकेगा। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। खनन क्षेत्र में नियमों के अनुपालन को लेकर सरकार की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ प्रशासनिक नियंत्रण भी मजबूत होगा।

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