March 28, 2026

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जौरा सब स्टेशन में उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित : ऊर्जा मंत्री तोमर

जौरा सब स्टेशन में उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित : ऊर्जा मंत्री तोमर

जौरा सब स्टेशन में उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित, ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान

जौरा सब स्टेशन में अब उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर, ऊर्जा मंत्री तोमर ने की पुष्टि

भोपाल 
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा मुरैना जिले की विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने के लिए 132 केवी जौरा सब स्टेशन की क्षमता में वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि सब स्टेशन में पूर्व स्थापित 20 एमवीए क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर के स्थान पर 50 एमवीए क्षमता का नया पॉवर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। इससे मुरैना जिले की पारेषण प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा जौरा क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उचित वोल्टेज पर प्राप्त हो सकेगी।

मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के औद्योगिक, कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष लाभ मिलेगा और भविष्य में बढ़ती विद्युत मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

इन क्षेत्रों को होगा लाभ

एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता राजीव तोतला ने जानकारी दी कि जौरा सब स्टेशन में नए पॉवर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से कुम्हेरी, जौरा, सुमावली, सांकरा, सिटी जौरा, चिनौनी, नवोदय तथा बगचिनी सहित आसपास के क्षेत्रों के लगभग 18 हजार विद्युत उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इनमें औद्योगिक, कृषि एवं घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं।

जिले की ट्रांसफार्मेशन क्षमता में वृद्धि

अधीक्षण अभियंता राजीव ने जानकारी दी कि 20 एमवीए के स्थान पर 50 एमवीए क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित होने से जौरा सब स्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 113 एमवीए हो गई है।

एमपी ट्रांसको मुरैना जिले में 220 केवी के 2 सब स्टेशन (मुरैना एवं सबलगढ़) तथा 132 केवी के 7 सब स्टेशन (मुरैना, बामोर, अम्बाह, बड़ागांव डिमनी, कैलारस, जौरा एवं पोरसा) के माध्यम से विद्युत पारेषण कर रही है। इस नए ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 1482 एमवीए हो गई है, जिससे विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता एवं स्थिरता में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

 

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