चरखी दादरी.
चरखी दादरी. हरियाणा सरकार के निर्देशों के अनुसार, चरखी दादरी जिले में वर्ष 2026-27 के लिए जमीनों के नए कलेक्टर रेट निर्धारित करने की प्रक्रिया सरकार के निर्देशानुसार शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने संशोधित प्रस्तावित दरों की तहसील अनुसार सूची आधिकारिक वेबसाइट charkhidadri.gov.in पर अपलोड कर दी है ताकि कोई भी नागरिक इन दरों की समीक्षा कर अपने सुझाव या आपत्तियां ऑनलाइन माध्यम से जमाबंदी.एनआईसी.आईएन पर प्रस्तुत कर सकें।
उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा वेबसाइट पर अपलोड की गई सूची के अनुसार इस बार अधिकांश क्षेत्रों में कलेक्टर रेट में अधिक बदलाव नहीं किए गए हैं। वहीं कुछ गांवों में 10 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक रेट में बढ़ोतरी की गई है। इसी प्रकार से दादरी शहर में अधिक बदलाव न करते हुए केवल कुछ स्थानों पर आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी में कलेक्टर रेट बढ़ाए गए हैं।
शहर में इन क्षेत्रों में प्रस्तावित है कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी
उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि प्रशासन की ओर से अपलोड की गई शहर के प्रस्तावित कलेक्टर रेट की सूची के अनुसार भिवानी रोड माइनर से भिवानी चौक तक आवासीय श्रेणी में प्रति गज जमीन के दाम 21,780 से बढ़ाकर 25,047 रुपये करते हुए 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। इसी प्रकार नगर परिषद कार्यालय से भगवान परशुराम चौक होते हुए काठ मंडी तक व्यावसायिक श्रेणी की जमीन के कलेक्टर रेट में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है जिसके बाद इस क्षेत्र में दाम 1,14,950 से बढ़कर 1,43,687 रुपये प्रति गज हो जाएंगे। वहीं मुथरी घाटी से गोधडिया कॉलोनी में आवासीय श्रेणी के दाम में 25 प्रतिशत, पुराना शहर में आवासीय श्रेणी में 15 प्रतिशत, रविदास नगर में आवासीय श्रेणी में 25 प्रतिशत, सैनीपुरा में आवासीय श्रेणी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। इसके अलावा शहर में सभी जगह कलेक्टर रेट में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया है।
31 मार्च तक दे सकते हैं प्रतिक्रिया : उपायुक्त
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने कलेक्टर रेट को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और बताया कि सरकार के निर्देशों के तहत जिले के लोगों को इन प्रस्तावित कलेक्टर रेट पर अपनी राय देने का अवसर दिया गया है। आमजन 31 मार्च को सुबह 10 बजे तक अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने सभी जिलावासियों से अपील की है कि वे समय पर अपने सुझाव दें, जिससे नए कलेक्टर रेट अधिक पारदर्शिता और न्यायसंगत प्रक्रिया के तहत तय किए जा सकें।

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