झज्जर.
नया वित्त वर्ष शुरू होते ही जिले में जमीन के नए कलेक्टर रेट लागू कर दिए गए हैं। बुधवार को पहले दिन नए रेट पोर्टल पर अपडेट न होने के कारण तहसीलों में रजिस्ट्री का कार्य प्रभावित रहा। लोग दिनभर सरल केंद्रों के चक्कर काटते रहे, लेकिन केवल वही रजिस्ट्रियां हो पाईं जिनमें स्टांप ड्यूटी की छूट थी या जो खून के रिश्तों के आधार पर होनी थीं।
अब जेब पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
जिला राजस्व अधिकारी मनबीर सिंह सांगवान ने पुष्टि की कि बुधवार शाम को मुख्यालय की ओर से नए कलेक्टर रेट की सूचना प्राप्त हो गई है और इसे सिस्टम पर अपलोड कर दिया गया है। वीरवार सुबह से जो भी लोग रजिस्ट्री के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें बढ़े हुए कलेक्टर रेट के अनुसार ही स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। क्षेत्रवास दाम बढ़ने से जमीन खरीदना आम जनता के लिए महंगा हो जाएगा। इधर, सरल केंद्र के कर्मचारियों के अनुसार, शाम तक तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब वीरवार से सभी प्रकार की रजिस्ट्रियां सुचारू रूप से शुरू हो जाएंगी। हालांकि, पहले दिन की देरी के कारण कई खरीदार और विक्रेता निराश होकर लौट गए।
तहसीलों की स्थिति और टोकन का ब्योरा
- दोपहर 2 बजे तक तीन प्रमुख तहसीलों में कुल 28 टोकन काटे, जिनमें 9 रजिस्ट्रियां ही हो सकीं।
- झज्जर व बहादुरगढ़: दोनों तहसीलों में 11-11 टोकन कटे, जिनमें से 4-4 रजिस्ट्रियां हुईं।
- बादली: यहां पर 6 टोकन कटे, जिनमें से केवल एक रजिस्ट्री हो पाई।
- साल्हावास, बेरी और मातनहेल तहसीलों में दोपहर बाद तक कोई नया टोकन नहीं कटा, क्योंकि लोग नए रेट लागू होने का इंतजार कर रहे थे।

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