April 3, 2026

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पिंक सिटी के फोटोशूट पर गहराया विवाद, गुलाबी रंग में रंगी गई हथिनी की मौत के बाद जांच शुरू

जयपुर
जयपुर की पहचान ‘पिंक सिटी’ के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन इसी पहचान को दर्शाने के लिए किया गया एक फोटोशूट अब बड़े विवाद का कारण बन गया है। एक विदेशी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर द्वारा हाथी और एक महिला मॉडल को गुलाबी रंग में रंगकर किया गया फोटोशूट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। शुरुआत में यह वीडियो आकर्षण का केंद्र बना, लेकिन कुछ ही समय बाद उसी हाथी की मौत की खबर सामने आने से मामला गंभीर हो गया है।

जानकारी के मुताबिक, यह फोटोशूट जयपुर के पास स्थित हाथी गांव में किया गया था। जानकारी के अनुसार, रूस की इनफ्लुएंसर जूलिया बुरुलेवा ने ‘पिंक सिटी’ की थीम पर यह शूट कराया था। इसमें 65 वर्षीय हथिनी ‘चंचल’ और मॉडल यशस्वी को गुलाबी रंग से रंगा गया था। यह वीडियो करीब तीन महीने पहले पोस्ट किया गया था, लेकिन डेढ़ महीने पहले हाथी की मौत के बाद यह मामला दोबारा चर्चा में आ गया।

पशु प्रेमियों और पशु अधिकार संगठनों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि हाथी जैसे संवेदनशील जानवर को किसी भी तरह के रंग या केमिकल से रंगना उसकी त्वचा और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। कई कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई है कि यह रंग ही हाथी की मौत का कारण हो सकता है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विवाद बढ़ने के बाद वन विभाग हरकत में आया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ जाकर जानवर के साथ क्रूरता की गई है, तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बबलू खान ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि हाथी को केवल कुछ समय के लिए ही रंगा गया था और इसमें किसी भी हानिकारक केमिकल का उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हथिनी पहले से ही वृद्ध थी और उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है।

दूसरी ओर, इनफ्लुएंसर जूलिया बुरुलेवा ने भी सोशल मीडिया पर सफाई दी है। उन्होंने दावा किया कि शूट के दौरान ऑर्गेनिक और स्थानीय पेंट का इस्तेमाल किया गया था, जो त्योहारों में भी प्रयोग होता है और जानवरों के लिए सुरक्षित होता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने जयपुर में कई सप्ताह बिताए और सभी प्रक्रियाओं का ध्यान रखा।

इस बीच, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राजस्थान में पर्यटकों का स्वागत है, लेकिन सभी को नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकार का उल्लंघन पाया जाता है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक स्तर तक चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ पशु अधिकार संगठनों की सख्ती की मांग है।

 

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