फरीदकोट / जुलाना
रीदकोट में आढ़ती एसोसिएशन पंजाब के आह्वान पर नई अनाज मंडी के समूह आढ़तियों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी है। आढ़तियों की तरफ गेहूं व धान की फसल पर ढाई प्रतिशत कमीशन की मांग को लेकर संघर्ष किया जा रहा है।
इस मौके आढ़ती एसोसिएशन ने कहा कि जब तक उन्हें उनका बनता कमीशन नहीं दिया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वह गेहूं की फसल की खरीद के कार्य में सहयोग नहीं करेंगे। हालांकि अभी तक मंडियों में गेहूं नहीं पहुंची है। बैठक में आढ़ती नेताओं ने कहा कि उनके द्वारा पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से कोई अतिरिक्त मांग नहीं की जा रही है।
अभी तक पूरा नहीं किया वादा उनकी सिर्फ यही मांग है कि लॉकडाउन के समय फ्रीज की गई कमीशन को बहाल कर ढाई प्रतिशत का भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले सीजन के समय पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने भरोसा दिलाया था कि अगर केंद्र सरकार कमीशन नहीं बढ़ाती तो राज्य सरकार अपने स्तर पर हरियाणा की तर्ज पर कमीशन के अंतर का भुगतान करेगी, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।
गेहूं पर 50 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन तय उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में आढ़तियों को गेहूं पर करीब 50 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन तय किया गया है जबकि एमएसपी पर ढाई प्रतिशत के हिसाब से उन्हें 65 रुपये प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। हरियाणा में इस अंतर का भुगतान राज्य सरकार करती है। ऐसे में पंजाब सरकार को फैसला लेना चाहिए।
जुलाना में आढ़तियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी
कस्बे की नई अनाज मंडी में आढ़तियों और किसानों द्वारा सरकार के नए नियमों के विरोध में शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। मंडी में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा और आढ़तियों के साथ-साथ किसानों ने भी धरने में भाग लेकर अपना रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने की। धरने को संबोधित करते हुए पवन लाठर ने कहा कि सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जमीनी हकीकत को समझे नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं, जिससे मंडी व्यवस्था चरमरा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करना पूरी तरह अव्यवहारिक है।
इससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि मंडी का समय सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित करना भी गलत फैसला है। अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन से फसल कटवाते हैं और उसी अनुसार मंडी में फसल लेकर आते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करने से उन्हें भारी दिक्कतें आएंगी। आढ़तियों ने इन फैसलों को तुगलकी फरमान बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की। धरने के दौरान किसान नेता और ढांडा खाप के पूर्व प्रधान नरेश ढांडा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर बायोमेट्रिक नियम वापस नहीं लिया गया तो वह अपना अंगूठा काटकर मुख्यमंत्री को भेजेंगे।
मांग को केंद्र तक पहुंचाने को सीएम सैनी से मिले: एसोसिएशन आढ़ती नेता बंटी गुप्ता व गिरीश छाबड़ा ने बताया कि उनके पंजाब प्रधान ने आढ़तियों की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात की है। मंडियों में आढ़तियों के खर्चे बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार उनका बनता कमीशन नहीं दे रही। उन्होंने बताया कि 6 अप्रैल को आढ़तियों की मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक तय है, जिसके बाद ही आगे की रणनीति और निर्णय लिया जाएगा।

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