summer plant care tips : गर्मियों में पौधों की देखभाल कैसे करें ? जानिएं सही पानी देने का तरीका, ठंड ऑर्गेनिक खादों के बारे में, जो प्लांट की जड़ों को मजबूत बनाकर पौधों को हरा-भरा रखने का काम करती हैं।
अप्रेल-मई का मौसम पौधों के लिए मुश्किल होता है। तेज धूप और गर्म हवाओं से अक्सर ये खराब हो जाते हैं। जमीन में लगे पौधों की तुलना ज्यादा नुकसान गमलों में लगे प्लांट्स का होता है। इनमें नमी और पानी खत्म होने से जड़े कमजोर होकर सूख जाती हैं। जिस तरह इंसानों का धूप में रहना मुश्किल हो जाता है, ठीक उसी तरह पौधों का भी। अगर गार्डनिंग करते हैं तो आर्टिकल आप के लिए है। जहां हम लेकर आए हैं, गर्मियों में पेड़-पौधों की देखभाल के टिप्स और ठंडी रखने वाली खाद की लिस्ट, जो बगिया हरी-भरी रखने में मदद करेंगे।
गर्मी से पौधों को बचाने के आसान तरीके
पौधों में पानी कब देना चाहिए ?
सर्दियों के मुकाबले गर्मियों में पौधों को ज्यादा पानी की जरूरत होती है, हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि हर रोज वॉटरिंग की जाए। मिट्टी सूखने पर ही पानी दें।
पेड़-पौधों को धूप से कैसे बचाएं ?
प्लांट्स को छाया में रखने की जगह नहीं है तो आप शेड नेट लगवा सकते हैं। बाजार में 25-90% तक शेड मिलती है, जिससे जरूरत के हिसाब से चुना जा सकता है। इससे सीधी धूप पौधों पर नहीं पड़ेगी और न ही वो जलेंगे।
मिल्चिंग कैसे की जाती है ?
गर्मियों में पौधों को स्वस्थ रखने के लिए मल्चिंग करते रहें। इससे मिट्टी की नमी बरकरार रहती हैं और जड़ों में नमी बनी रहती है। इसके लिए आप सूखी घास, पत्ते, लकड़ी के ब्लॉक या कोकोपीट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पौधों की मिस्टिंग करने का तरीका
मिस्टिंग यानी पत्तियों को पानी की फुहार देना। इससे लीफ्स को ठंडक मिलती हैं और धूल भी साफ होती है। यदि घर में नमी पसंद करने वाले पौधे ज्यादा हैं तो गर्मी के मौसम में उन्हें हेल्दी रखने के लिए 2-3 बार दिन में मिस्टिंग जरूर करें।
गमलों के पास नमी बनाएं रखें
पौधों के साथ गमलों को भी नमी से बचाना जरूरी है। इसके लिए एक ट्रे में पानी भरकर उसमें गमले रखें, (सीधे पानी में नहीं रखना) इससे आसपास नमी बनी रहती है।
गर्मी में पौधों को कौन सी खाद देनी चाहिए?
जब सूरज आग उगले तो शरीर को ठंडा रखने के लिए ठंडी चीजें पसंद आती है, ठीक उसी तरह पौधों को भी कूलिंग की आवश्यकता होती है। प्लांट्स में नमी बनाएं रखने वाली हल्की ऑर्गेनिक खादों का इस्तेमाल करें।
केले की छिलकों की लिक्विड खाद : पोटैश्यिम से भरपूर होती है, पौधों को मजबूत बनाने के साथ गर्मी कम करती है। केले के छिलकों को काटकर पानी में 10 दिन के लिए रख दें। पानी छानकर पौधों में डालें।
प्याज, संतरा और केले के छिलके की खाद : तीनों छिलकों को काटकर पानी में डालकर रख दें और छानकर पौधों को दें। यह खाद हर एक महीने में इस्तेमाल की जा सकती है।
गोबर की खाद : प्लांट्स को नेचुरल तौर पर कूलिंग देने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते है। ये प्रकृतिक तौर पर मिट्टी की नमी बनाए रखती है।
मिट्टी में डालें छाछ : शरीर को ठंडक देने वाला छाछ पौधों के लिए भी फायदेमंद है। इसे पानी में मिलाकर मिट्टी में डाल दें। इससे बैक्टिरिया बढ़ते हैं और पौधे भी फ्रेश रहते हैं।
एलोवेरा लिक्विड खाद : एलोवेरा जेल को पानी में मिलाकर पौधों में डालें। ये जड़ों को ठंडक देने के साथ मजबूत बनाती है।

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