April 11, 2026

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किसानों के हित में सरकार का 9 अप्रैल से गेहूं उपार्जन का फैसला स्वागत योग्य : BJP किसान मोर्चा

– भोपाल में फाइनेंशियल ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से प्रदेश का वित्तीय प्रबंधन होगा मजबूत
– बाबा साहब आंबेडकर जयंती सप्ताह से सामाजिक समरसता को मिलेगा बल

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने मंगलवार को मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने 9 अप्रैल से किसानों के हित में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का जो फैसला लिया है, वह स्वागत योग्य है।

भोपाल में फाइनेंशियल ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट खुलने से मध्यप्रदेश का वित्तीय प्रबंधन और मजबूत होगा। बाबा साहब आंबेडकर जयंती सप्ताह से सामाजिक समरसता को और बल मिलेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियों के प्रतिभावान छात्रों को दिल्ली में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान मिलने वाली छात्रवृत्ति को दो हजार से बढ़ाकर दस हजार करने का निर्णय से उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। मंत्रिपरिषद ने जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई, जो प्रदेश में विकास गतिविधियों को गति देगा।

चना-मसूर के उपार्जन के लिए 3174 करोड़ की स्वीकृति

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार ठोस निर्णय ले रही है। चना एवं मसूर के उपार्जन के लिए आगामी तीन वर्षों में 3174 करोड़ रुपये की स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रबी विपणन वर्ष 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए प्रत्येक वर्ष 1058 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह राशि कार्यशील पूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसानों की उपज का सुचारू और समय पर उपार्जन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत लिया गया है, जिसके माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और उन्हें बाजार की अनिश्चितताओं से राहत मिलेगी। इस निर्णय से प्रदेश के किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को नई दिशा प्राप्त होगी।

वन क्षेत्रों के पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण के लिए 5215 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को व्यापक बल मिलेगा। वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं को वर्ष 2030-31 तक निरंतरता देते हुए 2952 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है, जिससे राजस्व व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें आर.टी.ई. के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति, पीएमश्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़ रुपये का राज्यांश तथा कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने हेतु 693 करोड़ रुपये की मंजूरी शामिल है।

उज्जैन में हवाई पट्टी के विस्तार और एयरबस विमानों के संचालन के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 590 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से भानपुरा तहसील के 12 गांवों में लगभग 3500 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद के सभी निर्णय प्रदेश में वित्तीय अनुशासन, सुशासन, समावेशी विकास, किसानों की समृद्धि, विद्यार्थियों के सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने वाले सिद्ध होंगे।

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