नईदिल्ली। नए वित्त वर्ष की पहली बैठक में रेपो रेट में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। बैंक ने इसे 5.25% पर बरकरार रखते हुए ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। इसके कारण लोन महंगे नहीं होंगे और आपकी EMI भी नहीं बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में लिए फैसलों के बारे में विस्तार से बताया है। फरवरी में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ था। RBI ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थी। RBI जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। जब RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंक इस फायदे को ग्राहकों को देते हैं।
RBI गवर्नर के मुताबिक, महंगाई का खतरा टला नहीं है। खराब मौसम और बेमौसम बारिश की वजह से फल, सब्जियों और अनाज की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है। ईरान-इजरायल जंग की वजह से बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। ग्लोबल मार्केट में मची उथल-पुथल को देखते हुए आरबीआई कोई फैसला नहीं लेना चाहता। अभी दुनिया भर के आर्थिक हालातों पर नजर रखना चाहता है। इसी वजह से ब्याज दर में बदलाव नहीं करना उचित समझा है।
इस बैठक में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त हैं। RBI की मीटिंग हर 2 महीने में होती है। वित्त वर्ष 2026-27 में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की कुल 6 बैठकें होंगी। पहली बैठक 6-8 अप्रैल 2026 को हुई है। आरबीआई गवर्नर के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था वर्तमान में चुनौतियों का सामना कर रही है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 696.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है

Related Posts
चुनावी इतिहास में पहली बार, उम्मीदवार के सामने होगी EVM की जांच; हाई कोर्ट का बड़ा आदेश
अमेरिका को बख्शने के मूड में नहीं ईरान, ब्लड मनी की मांग; इरान ने खुले तौर पर बताए इरादे
वॉट्सऐप ने कार यूजर्स के लिए लॉन्च किया नया कारप्ले ऐप, अब इंफोटेनमेंट सिस्टम पर ही देख सकेंगे कॉल हिस्ट्री और चैट्स