India will buy gas from Russia : मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते भारत में रसोई गैस संकट से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कुकिंग गैस की सप्लाई बहाल रखने के लिए सरकारी कंपनी HPCL ने पहली बार रूस से गैस मंगाने का फैसला किया है। इस खबर में जानिए रूस से आने वाली ये गैस कैसे आपकी रसोई की जरूरत को पूरा करेगी और महंगाई से बचाएगी।
देश में गहराते LPG संकट के बीच सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने एक बड़ा और दुर्लभ कदम उठाया है। आपको बता दें कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के वजह से सप्लाई बाधित होने के बाद, HPCL ने रूस के उस्त-लुगा पोर्ट से प्रोपेन और ब्यूटेन लाने के लिए एक विशेष टेंडर जारी किया है।
सप्लाई चैन में विविधता लाने की कोशिश
भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें से 90% हिस्सा अब तक मिडिल ईस्ट यानी खाड़ी देशों से आता था। हालांकि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। दशकों के सबसे खराब एलपीजी संकट से निपटने के लिए अब भारत रूस, अमेरिका, नॉर्वे और कनाडा जैसे देशों से गैस खरीदकर अपनी निर्भरता को बांट रहा है।
टेंडर की शर्तें और रूस से आयात
रॉयटर्स के मुताबिक HPCL ने रूस से 12,000 मीट्रिक टन ब्यूटेन और 8,000 टन प्रोपेन लोड करने के लिए जहाज की मांग की है। बता दें कि टेंडर में साफ किया गया है कि शिपमेंट के लिए इस्तेमाल होने वाला जहाज किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध के दायरे में नहीं होना चाहिए और ना ही उसका ईरान से कोई संबंध होना चाहिए। ये खेप भारत के पश्चिमी तट पर उतारी जाएगी।
घरेलू मांग और संकट की स्थिति
पिछले साल भारत में एलपीजी की खपत 33.15 मिलियन टन रही थी। मौजूदा युद्ध की स्थिति ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। यही वजह है कि सरकारी रिफाइनरियां अब रूस जैसे ऑप्संश पर तेजी से काम कर रही हैं जिससे कि देश में रसोई गैस की किल्लत ना हो और कीमतों को भी स्थिर रखा जा सके।

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