चंडीगढ़
पंजाब में राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब व डिसएडवांटेज्ड स्टूडेंट्स के एडमिशन का प्रोसेस शुरू हो गया। एजुकेशन डिपार्टमेंट में एडमिशन के लिए पोर्टल लाइव कर दिया है।
गरीब व डिसएडवांटेज्ड स्टूडेंट्स पोर्टल पर अप्लाई करके किसी भी प्राइवेट स्कूल में एडमिशन ले सकेंगे। स्टूडेंट्स सिर्फ एंट्री क्लास में ही फ्री एडमिशन ले सकेंगे। डिपार्टमेंट ने राज्यभर के स्कूलों को एंट्री क्लास में 25 फीसदी सीटें रिजर्व रखने के आदेश भी दिए हैं।
जो भी इलिजिबल स्टूडेंट प्राइवेट स्कूल्स में एडमिशन लेना चाहता है उसे इस पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई करते हुए आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। दस्तावेज अपलोड न होने पर वह फ्री सीट का हकदार नहीं होगा।
प्राइवेट स्कूल्स में फ्री एडमिशन के लिए क्या क्राइटीरिया होगा, जानिए…
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन व स्टडी के लिए आर्थिक तौर पर कमजोर स्टूडेंट्स इलिजिबल होंगे। EWS स्टूडेंट्स के लिए 25 प्रतिशत में से 12.5% सीटें रिजर्व रहेंगी। दाखिले के वक्त पेरेंट्स को इनकम और प्रॉपर्टी सर्टिफिकेट देना होगा। बिना इनकम सर्टिफिकेट के इस कैटागिरी में बच्चे का एडमिशन नहीं होगा।
डिसएडवांटेज्ड ग्रुप्स: प्राइवेट स्कूलों में ईडब्न्ल्यूएस के अलावा डिसएडवांटेज्ड ग्रुप के स्टूडेंट्स भी फ्री एडमिशन के लिए इलिजिबल होंगे।
उनके लिए भी 25 प्रतिशत में से 12.5 प्रतिशत सीटें रिजर्व रहेंगी। इसमें अनुसूचित जाति (SC), ओबीसी, वार विडो के बच्चे, दिव्यांग, स्पेशल चाइल्ड, अनाथ बच्चे शामिल होंगे।
नाइवरहुड स्कूल: स्टूडेंट को एडमिशन के लिए कम से कम दो स्कूलों के नाम भरने होंगे। पहला ऑप्शन 0 से 3 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए जबिक दूसरा ऑप्शन 3-6 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए।
बस का खर्च पेरेंट्स खुद उठाएंगे: एडमिशन पोर्टल पर ही डिपार्टमेंट ने स्पष्ट कर दिया है कि एडमिशन के लिए पेरेंट्स को नजदीकी स्कूल सलेक्ट करना होगा। अगर वो स्कूल दूर सलेक्ट करते हैं तो स्कूल बस का खर्च उन्हें अपने स्तर पर उठाना होगा।
ऐज क्राइटीरिया: डिपार्टमेंट ने एंट्री क्लास में एडमिशन के लिए मिनिमम ऐज क्राइटीरिया फिक्स किया है। नर्सरी में एडमिशन के लिए 3 साल, केजी में 4 साल, यूकेजी में 5 साल और फर्स्ट में 6 साल होने जरूरी हैं। स्टूडेंट्स की यह उम्र 1 अप्रैल 2026 को पूरी होनी चाहिए।
एडमिशन प्रक्रिया को स्टेपवाइज जानिए…
ऑनलाइन करना होगा आवेदन: प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया से ही होगा। स्कूल सीधे अपने स्तर पर एडमिशन नहीं देंगे। rte.epunjabschool.gov.in पोर्टल पर एडमिशन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होगा।
रजिस्ट्रस्टेशन करना जरूरी: पेरेंट्स को एडमिशन के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद ऑनलाइन ही फार्म भरना होगा। आखिर में उसमें डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे। पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद फाइनल सब्मिशन होगा।
ये सर्टिफिकेट जरूरी: ऑन लाइन फार्म भरते वक्त पेरेंट्स को बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट या अस्पताल का रिकार्ड, आंगनबाड़ी रिकार्ड अपलोड करना होगा। अगर कुछ भी उपलब्ध नहीं है तो पेरेंट्स को मजिस्ट्रेट से अटेस्टेड एफिडेविट देना होगा। रेजिडेंस सर्टिफिकेट के तौर पर आधार, वोटर आईडी, बिजली बिल पानी का बिल या राशन कार्ड अपलोड करना होगा। वहीं इलिजिबिलिटी के लिए कास्ट सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, दिव्यांग सर्टिफिकेट, वार विडो या अनाथ का सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा।
गलत जानकारी दी तो कानूनी कार्रवाई: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व फार्म भरते समय गलत जानकारियां दी गई या फिर कोई फर्जी डॉक्यूमेंट लगाए गए तो बच्चे का एडमिशन रद्द कर दिया जाएगा और अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डिपार्टमेंट किसी भी लेवल पर दस्तावेजों की वेरिफिकेशन कर सकता है।
स्कूलों के लिए गाइड लाइन – कोई स्क्रीनिंग टेस्ट या कैपिटेशन फीस नहीं – RTE बच्चों के साथ कोई भेदभाव नहीं – उन्हें अलग कक्षा या अलग समय पर नहीं पढ़ाया जाएगा – लाइब्रेरी, कंप्यूटर, खेलकूद और अन्य सुविधाओं में बराबर अधिकार – कक्षाएं समावेशी और सुरक्षित रखनी होंगी
– स्कूलों को पोर्टल पर नामांकन और उपस्थिति नियमित अपडेट करनी होगी।
स्कूलों को फीस ऐसे मिलेगी -सरकार स्कूल को प्रति बच्चा व्यय या वास्तविक फीस जो भी कम होगा उसे देगी।
-स्कूल को इसके लिए अलग बैंक खाता खोलना होगा, जिसमें केवल RTE राशि आएगी।
-सरकार से सब्सिडी ले चुके स्कूलों को सरकार कोई राशि नहीं देगी।
ऐसे कर सकेंगे शिकायत
आरटीई से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी शिकायत निवारण अधिकारी होंगे। अगर कोई आवेदन रद्द होता है तो एक सप्ताह के अंदर पेरेंट्स को लिखित शिकायत देनी होगी। जिला शिक्षा अधिकारी को 15 दिन में शिकायत का निपटारा करना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी के फैसले के खिलाफ पंजाब स्टेट कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट के पास अपील कर सकेंगे। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को समय समय पर स्कूलों की जांच करनी होगी।
अभिभावकों और स्कूलों के लिए अहम बातें
यह SOP सिर्फ 2026-27 सत्र के लिए है, लेकिन विभाग समय-समय पर इनमें संशोधन कर सकता है। पंजाब में 1500 से ज्यादा प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर रजिस्टर हो चुके हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपील की है कि पेरेंट्स तय समय पर सही दस्तावेज अपलोड करके बच्चों का रजिस्ट्रेशन करवाएं। स्कूल प्रबंधन बच्चों के साथ किसी तरह का भेदभाव न करें। भेदभाव करने की स्थिति में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट ने फटकार लगाई तो शुरू किया पोर्टल
पंजाब के प्राइवेट स्कूल्स में आरटीई के तहत एडमिशन न होने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचा। कोर्ट के आदेश पर पिछले साल सरकार ने सभी प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल्स को 25 प्रतिशत सीटें खाली रखने के आदेश दिए लेकिन उन सीटों पर एडमिशन ही नहीं करवाए। कोर्ट ने फटकार लगाई तो एजुकेशन डिपार्टमेंट ने आरटीई पोर्टल पर स्कूलों की रजिस्ट्रेशन करवाई और अब एडमिशन का लिंक लाइव कर दिया।

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