भोपाल
एमपी में बीएड, बीपीएड कोर्स में एडमिशन के इच्छुक स्टूडेंट के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। इनमें प्रवेश प्रक्रिया शुरु होनेवाली है। हालांकि कॉलेजों की संबद्धता अटकी पड़ी है। नए सत्र 2026-27 के लिए पारंपारिक और बीएड, बीपीएड कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया अगले माह से शुरू होगी, लेकिन कॉलेजों की संबद्धता और नवीनीकरण का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इस बार नया निरीक्षण सिस्टम लागू किया गया है जिसमें कागजी प्रक्रिया के बजाय मौके पर जाकर सत्यापन अनिवार्य किया गया है। पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में दो माह लग सकते हैं जबकि उच्च शिक्षा विभाग अगले माह से ही यूजी-पीजी काउंसलिंग शुरू करने की तैयारी में है।
कॉलेजों की संख्या अधिक होने के कारण इस पूरी प्रक्रिया में दो महीने का समय लगना तय
प्रदेश में नर्सिंग, एमबीए और पारंपरिक कॉलेजों का निरीक्षण अगले सप्ताह से शुरू किया जाएगा। समन्वय समिति ने नया फार्मेट तैयार कर लिया है और निरीक्षण दलों का गठन भी किया जा रहा है। हालांकि, कॉलेजों की संख्या अधिक होने के कारण इस पूरी प्रक्रिया में दो महीने का समय लगना तय माना जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग अगले महीने से ही प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
कॉलेजों को ए फार्मेट में अपनी सुविधाओं जमीन, भवन, लैब, लाइब्रेरी, कमरों और खेल मैदान की जानकारी देनी होगी
भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी बीयू में इस बार संबद्धता के लिए दो अलग-अलग फार्मेट लागू किए गए हैं। पहले चरण में कॉलेजों को ए फार्मेट में अपनी सुविधाओं जमीन, भवन, लैब, लाइब्रेरी, कमरों और खेल मैदान की जानकारी देनी होगी। निरीक्षण दल बी फार्मेट लेकर कॉलेज पहुंचेगा और मौके पर सभी दावों का भौतिक सत्यापन करेगा। रिपोर्ट के बाद नवीनीकरण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
कागज नहीं, अब मौके पर होगा फैसला
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. एसबी सिंह बताते हैं कि कॉलेजों की संबद्धता के लिए नया फार्मेट तैयार किया गया है। अगले सप्ताह से कॉलेजों के निरीक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि कॉलेजों की संबद्धता और नवीनीकरण का काम समय से पूरा हो सके।
बता दें कि एमपी में बीएड (B.Ed) और बीपीएड (B.P.Ed) कोर्स के लिए लाखों स्टूेंडट एप्लाई करते हैं।
मुख्य बिंदु:
कोर्स: B.Ed, M.Ed, B.P.Ed,
पात्रता: बीपीएड के लिए स्नातक में आमतौर पर 50-60% अंक, और शारीरिक दक्षता परीक्षा (physical test) भी ली जाती है।
फीस: सरकारी कॉलेजों में फीस करीब ₹25000 – ₹60,000 प्रति वर्ष होती है, जबकि निजी कॉलेजों में फीस ₹50,000 से ऊपर है।

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