March 27, 2026

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सरकार की यह योजनाएं स्टार्टअप्स को ​देंगी सहारा, जानिए कितनी मिल सकती है मदद

बीते दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने में स्टार्टअप्स की अहम भूमिका रही है। नए-नए स्टार्टअप्स शुरू हुए और तेजी से इन्होंने ग्रोथ की। फंडिंग, इनक्यूबेशन और स्टार्टअप्स को लेकर नई नीतियों से इनोवेशन तेज हुआ है, इसके चलते अब तक 120 से अधिक स्टार्टअप्स यूनिकॉर्न (वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर) बन चुके हैं और आने वाले वर्षों में इनकी संख्या में तेजी से इजाफा होगा। भारत सरकार भी टेक (टेक्नोलॉजी) स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है, इनमें RDI, NQM, NM-ICPS, NIDHI और Startup India जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। यह योजनाएं स्टार्टअप्स के लिए काफी मददगार साबित होंगी, आइए जानते हैं इन खास योजनाओं के बारे में…

रिसर्च डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI) : सरकार की इस योजना का उद्देश्य नई और उभरती टेक्नोलॉजीज को बढ़ावा देना है। इस योजना का मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु समाधान, क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों पर है। अगले छह साल में इस योजना पर 1 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसका फायदा स्टार्टअप्स को मिलेगा।

नेशनल क्वांटम मिशन (NQM) : इस योजना के तहत क्वांटम टेक्नोलॉजी पर काम करने वाले स्टार्टअप्स को फंडिंग और सुविधाएं दी जाती हैं। इस योजना में अब तक 7 स्टार्टअप्स को मदद मिल चुकी है। सरकार की ओर से इन स्टार्टअप्स को एडवांस लैब्स, तकनीकी संसाधन और इंडस्ट्री विशेषज्ञों से मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर फिजिकल सिस्टम्स (NM-ICPS) : इस योजना के तहत देशभर के प्रमुख संस्थानों में 25 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब बनाए गए हैं। ये हब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग (ML), रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर काम करते हैं। अब तक 800 से अधिक स्टार्टअप्स को इन हब्स से लाभ मिल चुका है। इस योजना के तहत कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान में 6 हब मिलकर 160 स्टार्टअप्स को सहायता दे चुके हैं। अन्य राज्यों में भी योजना के तहत स्टार्टअप्स सहायता ले रहे हैं।

National Initiative for Developing and Harnessing Innovations (NIDHI) : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा शुरू किया गया एक अम्ब्रेला (छाता) कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य ज्ञान-आधारित और तकनीक-संचालित नवाचारों को सफल स्टार्टअप्स में बदलना है, जो देश में उद्यमिता, इनक्यूबेशन और सीड फंडिंग को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक सहायता प्रदान करता है। प्रोग्राम के तहत सरकार स्टार्टअप्स को आइडिया से लेकर बिजनेस तक तैयार करने में सहयोग देती है। प्रोटोटाइप बनाने, इनक्यूबेशन, सीड फंडिंग और तेजी से विस्तार के लिए सहायता दी जाती है। इस कार्यक्रम से 12 हजार से ज्यादा स्टार्टअप्स को लाभ मिला है। केवल PRAYAS स्कीम के तहत 2,200 से अधिक इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स को सहायता मिली है। इस योजना से बड़ी संख्या में युवा उद्यमियों को फायदा हुआ है।

अनुसंधान राष्ट्रीय रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) : अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन को 2023 के अधिनियम के तहत स्थापित किया गया है, भारत में अनुसंधान, नवाचार और विकास को बढ़ावा देने वाली सर्वोच्च संस्था है। इसने इंडस्ट्री और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाया है। इससे रिसर्च को प्रयोगशाला से बाजार तक पहुंचाने में आसानी हुई है। स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत अब तक लगभग 2 लाख स्टार्टअप्स को मान्यता दी जा चुकी है। इन स्टार्टअप्स ने देशभर में 21.11 लाख नौकरियां पैदा की हैं।

Biotechnology Industry Research Assistance Council (BIRAC) : इसने बायोटेक स्टार्टअप्स के लिए शुरुआती फंडिंग और विशेष बायो-इन्क्यूबेशन सेंटर उपलब्ध कराए हैं। 2,700 से अधिक स्टार्टअप्स और छात्रों को इन सुविधाओं का लाभ मिला है। 800 से अधिक प्रोडक्ट विकसित किए जा चुके हैं और 1300 से अधिक पेटेंट दाखिल हुए हैं।

इन योजनाओं के अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी डीप टेक स्टार्टअप्स को फंडिंग और तकनीकी सहायता दे रहा है। वहीं, स्पेस सेक्टर में IN-SPACe और रक्षा क्षेत्र में iDEX प्रोग्राम तेजी से स्टार्टअप्स को आगे बढ़ा रहे हैं। सरकार द्वारा बनाए गए इनक्यूबेटर्स, रिसर्च लैब्स और फंडिंग सपोर्ट से छात्रों और युवाओं को उद्यमिता अपनाने का अवसर मिला है। 

121 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बने
सरकार की इन योजनाओं की मदद से कई स्टार्टअप्स ने लंबी छलांग लगाई है और बड़ी सफलता हासिल कर चुके हैं।  Department of Science & Technology (DST) समर्थित 4 स्टार्टअप अब यूनिकॉर्न बन चुके हैं। देशभर में अब तक कुल 121 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बन चुके हैं। QuNu Labs, QpiAI, Ather Energy, IdeaForge, Razorpay, Uniphore, FarEye, Lauras Labs, Gupshup, Atomberg, Agnikul, Offgrid Energy Labs जैसे स्टार्टअप्स ने राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

राज्यों के साथ भी साझेदारी
केंद्र ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर भी कई तरह की गतिविधियाँ और कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इनमें स्टेट स्टार्टअप रैंकिंग, स्टेट स्टार्टअप पॉलिसी और नेशनल स्टार्टअप अवॉर्ड जैसे प्रयास शामिल हैं। इन कार्यक्रमों ने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद की है, इससे देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम का संतुलित और तेज विकास हो पाया है।

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