April 28, 2026

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ईरान-अमेरिका डील पर निर्भर है शेयर बाजार की चाल, तनाव बढ़ा तो तेजी पर लगेगा ब्रेक!

अगर ईरान-अमेरिका के बीच डील नहीं हुई तो तनाव बढ़ेगा जो बाज़ार में फिर से बड़ी बिकवाली ला सकता है. निफ्टी ने सोमवार को 24100 के पार जाने की कोशिशि की लेकिन ऊपरी लेवल पर बाज़ार को किसी अच्छी खबर का इंतज़ार है.

शेयर बाज़ार में सोमवार को हालांकि तेज़ी रही लेकिन ऊपरी लेवल पर बाज़ार ने इसलिए दबाव महसूस किया, क्योंकि ईरान-अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत पर कोई ठोस अपडेट नहीं मिला. अगर ईरान-अमेरिका के बीच डील नहीं हुई तो तनाव बढ़ेगा जो बाज़ार में फिर से बड़ी बिकवाली ला सकता है. निफ्टी ने सोमवार को 24100 के पार जाने की कोशिशि की लेकिन ऊपरी लेवल पर बाज़ार को किसी अच्छी खबर का इंतज़ार है. निफ्टी सोमवार को 195 अंकों की बढ़त के साथ 24093 के लेवल पर बंद हुआ. ईरान-अमेरिका के बीच फिलहाल तनाव बना हुआ है जिसके प्रभाव में सोमवार को अमेरिकी बाज़ार में भी कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, जो निवेशकों के लिए अच्छा संकेत नहीं है.

निफ्टी के महत्वपूर्ण लेवल
निफ्टी के लिए 24200 का लेवल एक बड़ा रजिस्टेंस है. पिछले सप्ताह जब निफ्टी 24500 के लेवल से ऊपर था,तब यह लेवल एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल था, लेकिन अब यह एक बड़ा रजिस्टेंस बन चुका है. निफ्टी में 24200 का लेवल बिना किसी पॉज़िटिव न्यूज़ के अपसाइड ब्रेक नहीं होगा, लेकिन अगर वह अच्छी खबर नहीं आई तो निफ्टी एक बार फिर 24000 के लेवल के नीचे जा सकता है. निफ्टी में जब 24250 के ऊपर क्लोज़िंग होगी, तभी और बायर्स आ सकते है. इस लेवल से पहले निफ्टी बुल्स भी इतना ज़ोर नहीं लगाएंगे.

इसके विपरीत अगर अब निफ्टी 24000 के लेवल से नीचे गया तो एक बार फिर से 23800 का सपोर्ट लेवल टेस्ट हो सकता है. इस लेवल पर निफ्टी फिर से किसी अच्छी खबर का इंतज़ार करेगा और अगर कोई ट्रिगर नहीं मिला तो निफ्टी 23500 के लेवल तक गिर सकता है.

क्रूड ऑयल के बढ़ते भाव निवेशकों के लिए चिंता
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है,जिससे कच्चे तेल के भाव बढ़ रहे हैं. क्रूड ऑयल प्राइस निवेशकों के लिए चिंता है, क्योंकि इसका सीधा असर इक्विटी मार्केट पर होगा. ब्रेंट क्रूड ऑयल के भाव 107 डॉलर प्रति बैरल हो गए हैं, जिसका अर्थ यह है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की सप्लाय बाधित रह सकती है.

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि अगर ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला तो भारतीय शेयर बाज़ार सहित दुनिया भर के बाज़ार में फिर से बिकवाली का माहौल बन सकता है.

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