उड़ान डेस्क। भारत और अमेरिका के बीच जिस ट्रेड डील को लेकर लंबे समय से इंतजार था, आखिरकार बीती रात (2 फरवरी) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उसको लेकर बड़ी घोषणा कर दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ में कहा कि अमेरिका ने भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ (जैसे को तैसा) को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर खुशी जताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को भारत के 1.4 बिलियन लोगों की ओर से धन्यवाद कहा। यह डील अभी एक अहम शुरुआत मानी जा रही है। आने वाले समय में दोनों देश कई बड़े समझौते कर सकते हैं। कुल मिलाकर, यह डील भारत-अमेरिका रिश्तों को नई मजबूती देने वाली है। यहां जानिए भारत-अमेरिका ट्रेड डील और उसके इंपैक्ट से जुड़ी 10 बड़ी बातें…
भारतीय शेयर मार्केट की ऐतिहासिक गैपअप ओपनिंग
भारत-अमेरिका ट्रेड डील और टैरिफ घटाने के ऐलान का सबसे बड़ा असर भारतीय शेयर मार्केट में देखने को मिल रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 3656 अंक के शानदार तेजी के साथ 85,323 के स्तर पर ओपन हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 1219 भी अंक की बढ़त के साथ 26308 के स्तर पर ओपन हुआ। एक्सपर्ट के मुताबिक, इस ट्रेड डील का असर शेयर मार्केट में लंबे समय तक देखने को मिलेगा। कई एक्सपर्ट तो शानदार रिटर्न के दावे भी कर रहे हैं।
25% की दंडात्मक टैरिफ पूरी तरह से हटा
क्रूड ऑयल खरीद से संबंधित अतिरिक्त 25% की दंडात्मक टैरिफ को पूरी तरह हटा दिया है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होने की उम्मीद है। इसी के साथ भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिस्ते में आए तनाव पूरी तरह से दूर हो गए हैं।
ट्रंप-मोदी कॉल के बाद ट्रेड डील का ऐलान!
भारत और अमेरिका ट्रेड डील और टैरिफ में कमी की ऐलान को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीत कॉल पर बात हुई। इसके बाद ट्रंप ने लिखा – भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। हमने रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। PM मोदी ने रूस से तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई। भारत अब अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदेगा। इसके अलावा वेनेजुएला से तेल खरीदने की संभावना पर भी बात हुई। इससे यूक्रेन में चल रहा युद्ध खत्म करने में मदद मिलेगी, जहां हर हफ्ते हजारों लोगों की जान जा रही है।प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती, सम्मान और उनके अनुरोध पर, हमने अमेरिका और भारत के बीच तुरंत एक ट्रेड डील पर सहमति बनाई है। इसके तहत अमेरिका भारत पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% करेगा। वहीं भारत भी अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को घटाकर शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। PM मोदी ने ‘बाय अमेरिकन’ को लेकर भी बड़ी प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत भारत अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर से ज्यादा के एनर्जी, टेक्नोलॉजी, एग्रीक्चर, कोयला और अन्य प्रोडक्ट खरीदेगा। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते आगे और भी मजबूत होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा मुझे बहुत खुशी हुई
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा- ‘मुझे राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत खुशी हुई। यह जानकर बहुत संतोष है कि अब मेड इन इंडिया प्रोडक्ट पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। इस शानदार फैसले के लिए भारत के 1.4 बिलियन लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का दिल से धन्यवाद। जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एकसाथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को लाभ होता है और आपसी सहयोग के नए और बड़े मौके खुलते हैं। मैं उनके साथ मिलकर काम करने और हमारी पार्टनरशिप को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक हूं।’
किन सेक्टर्स को मिल सकता है सबसे ज्यादा फायदा?
एक्सपर्ट के मुताबिक, इस ट्रेड डील से खासतौर पर आईटी और सॉफ्टवेयर सर्विसेज, फार्मा और हेल्थकेयर, टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स व ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग गुड्स को फायदा मिल सकता है। हालांकि, अभी ट्रेड डील को लेकर विस्तार से जानकारी सामने नहीं आई है। जैसे ही ज्यादा जानकारी सामने आएगी को चीजें और क्लियर होंगी।
आईटी कंपनियों के लिए क्यों अहम?
टैरिफ घटने से भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका में काम करना और कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना आसान होगा। इससे उनकी लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ सकता है।
फार्मा सेक्टर को कैसे मिलेगा फायदा?
भारत की दवा कंपनियां पहले से ही अमेरिकी बाजार में मजबूत हैं। टैरिफ में कटौती से जेनेरिक दवाएं और सस्ती होंगी, जिससे निर्यात बढ़ने की उम्मीद है।
किन भारतीय कंपनियों को हो सकता है सीधा फायदा?
इस डील से जिन भारतीय कंपनियों को फायदा मिल सकता है, उनमें एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से रिलायंस इंडस्ट्रीज, IT सेक्टर से टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, फार्मा सेक्टर से सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज, सिप्ला और ऑटो और ऑटो पार्ट्स को लेकर टाटा मोटर्स शामिल है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर भारतीय निर्यात बढ़ता है तो कंपनियों की कमाई बढ़ेगी, जिससे नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। कंपनियों की कमाई बढ़ने का असर कंपनियों के शेयर और ओवरऑल मार्केट में भी देखने को मिलेगा। इसके साथ ही, अमेरिका से आने वाले कुछ सामान भी भारत में सस्ते हो सकते हैं।
टैरिफ के दायरे में कितना व्यापार?
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका को होने वाला भारत का कुल निर्यात (लगभग 87 बिलियन डॉलर) भारत की कुल GDP का लगभग 2.5% है। इसमें से टैरिफ के दायरे में आने वाला वास्तविक हिस्सा GDP के 1.2% से 1.3% के बराबर है। भारत की जीडीपी ग्रोथ अभी भी मजबूत बनी हुई है और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इसे 7.2% से 7.4% के बीच रहने का अनुमान है।

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