May 19, 2026

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चंडीगढ़ में CHB मकानों की फिर होगी जांच, प्रशासन ने बनाई हाई लेवल कमेटी

चंडीगढ़ 

चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के मकानों में किए गए बदलावों और अतिरिक्त निर्माणों की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी शहर के 65 हजार से ज्यादा CHB मकानों में हुए नीड बेस्ड चेंजेज की जांच करेगी। 

2023 में लाई गई थी पॉलिसी
CHB मकानों में लंबे समय से लोग अपनी जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त कमरे, बालकनी कवर, किचन एक्सटेंशन और अन्य निर्माण कर रहे हैं। इन बदलावों को लेकर लगातार विवाद बना हुआ था। इसके बाद 2023 में प्रशासन ने नीड बेस्ड चेंजेज पॉलिसी लागू की थी, ताकि कुछ निर्माणों को नियमों के तहत मंजूरी दी जा सके।

हालांकि, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों और मकान मालिकों का कहना है कि यह पॉलिसी पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी और इसमें कई तरह की तकनीकी शर्तें रखी गईं, जिनके कारण लोगों को राहत नहीं मिल सकी।

सेक्टर-41 और 45 में कार्रवाई के बाद भड़का विवाद
मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब हाल ही में CHB ने सेक्टर-41 और सेक्टर-45 में अवैध एक्सटेंशन और निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए। कई राजनीतिक दलों ने भी प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और लोगों के पक्ष में बयान दिए।

निवासियों का कहना था कि वर्षों से बने निर्माणों को अचानक अवैध बताकर तोड़ा जा रहा है, जबकि प्रशासन पहले इस पर चुप था। लोगों ने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू करने की मांग भी उठाई, ताकि जुर्माना लेकर निर्माण नियमित किए जा सकें।

किन बदलावों को मिलेगी मंजूरी, कमेटी करेगी फैसला
नई कमेटी यह तय करेगी कि किन बदलावों को नियमित किया जा सकता है और कौन से निर्माण पूरी तरह नियमों के खिलाफ हैं। प्रशासन फिलहाल सभी निर्माणों को नियमित करने के पक्ष में नहीं है। माना जा रहा है कि केवल चुनिंदा बदलावों को ही मंजूरी देने की सिफारिश की जा सकती है।

CHB के अधिकारियों का कहना है कि मकानों की मूल संरचना और सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ निवासी चाहते हैं कि कई साल पुराने निर्माणों को मानवीय आधार पर राहत दी जाए।

शहर में हजारों परिवार प्रभावित
CHB कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवार इस फैसले पर नजर बनाए हुए हैं। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन आगे की नीति और कार्रवाई तय करेगा। फिलहाल शहर में इस मुद्दे को लेकर लोगों में असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है।

 

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