May 15, 2026

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अब Gold में निवेश करना होगा आसान, 18 मई से NSE शुरू कर रहा है खास ट्रेडिंग

Digital Gold Investment tips : 18 मई से NSE पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स यानी EGR ट्रेडिंग शुरू होगी। इस सिस्टम के जरिए लोग बिना घर में सोना रखे डिजिटल तरीके से गोल्ड खरीद और बेच सकेंगे। जानिए क्या है ये और इस सिस्टम के तहत आप कितना सोना खरीद सकते हैं।

पिछले कुछ दिनों में गोल्ड मार्केट में काफी हलचल रही है। पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की, और फिर सरकार ने गोल्ड पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर सीधा 15% कर दिया। ऐसे समय में जब फिजिकल गोल्ड महंगा और पहुंच से दूर होता दिख रहा है, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का एक बड़ा अपडेट राहत बनकर आया है। आगामी 18 मई से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) की ट्रेडिंग शुरू होने जा रही है, जो आपके सोने में निवेश करने के तरीके को पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित बना देगी।

18 मई से शुरू होगी EGR ट्रेडिंग
NSE ने घोषणा की है कि 18 मई से EGRs की ट्रेडिंग शुरू की जाएगी। NSE का कहना है कि इस नए प्लेटफॉर्म का मकसद गोल्ड निवेश को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और आसान बनाना है। एक्सचेंज का मानना है कि इससे गोल्ड ट्रेडिंग धीरे-धीरे मुख्य वित्तीय बाजार व्यवस्था का हिस्सा बन सकती है।

क्या है ये इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR)?
EGR एक ऐसा डिजिटल सिस्टम है, जिसमें निवेशक असली सोने का मालिक होता है, लेकिन उसे सोना घर में रखने की जरूरत नहीं पड़ती।जब कोई व्यक्ति EGR खरीदता है, तो उसके नाम पर उतनी मात्रा का असली फिजिकल गोल्ड सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है। यह पूरा सिस्टम काफी हद तक शेयरों वाले डीमैट अकाउंट जैसा काम करता है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां शेयरों की जगह निवेशकों को अपने डीमैट अकाउंट में गोल्ड यूनिट दिखाई देंगे।

घर में सोना रखने की टेंशन खत्म
EGR से जुड़ा गोल्ड सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) द्वारा रेगुलेटेड वॉल्ट्स में रखा जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को घर में सोना रखने या बैंक लॉकर पर अतिरिक्त खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा सोने की सुरक्षा और शुद्धता को लेकर भी चिंता काफी कम हो सकती है। NSE के मुताबिक यह गोल्ड पहले से प्रमाणित और सुरक्षित रहेगा, जिससे निवेशकों को बिना फिजिकल गोल्ड छुए ही उसकी कीमतों का फायदा मिल सकेगा।

शेयरों की तरह खरीद और बिक्री
EGR सिस्टम की सबसे खास बात इसकी आसान ट्रेडिंग मानी जा रही है। निवेशक स्टॉक मार्केट के समय में अपने सामान्य ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए EGR खरीद और बेच सकेंगे। यानी अब सोना बेचने के लिए ज्वेलर के पास जाकर मोलभाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सिस्टम गोल्ड ट्रेडिंग को ज्यादा पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

कितना सोना खरीद सकते हैं?
EGR की एक बड़ी खासियत यह भी है कि इसमें निवेश करने के लिए बड़ी रकम जरूरी नहीं होगी। NSE के अनुसार EGR अलग-अलग मात्रा में उपलब्ध होंगे। इसमें 1 किलो, 100 ग्राम, 10 ग्राम, 1 ग्राम और यहां तक कि 100 मिलीग्राम तक के विकल्प शामिल होंगे। इसका मतलब यह है कि छोटे निवेशक भी अपनी क्षमता के हिसाब से धीरे-धीरे गोल्ड में निवेश शुरू कर सकेंगे। अब महंगे गोल्ड बार या भारी ज्वेलरी खरीदने की मजबूरी नहीं रहेगी।

शुद्धता और रेट का कोई खेल नहीं
भारत में सोने के रेट हर शहर और हर सुनार के पास थोड़े अलग होते हैं, जिससे खरीदार अक्सर कंफ्यूज रहते हैं। NSE का लक्ष्य पूरे देश में सोने की एक समान और पारदर्शी कीमत लाना है। यहां मिलने वाला सोना इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का होगा, जिसमें 999 और 995 प्योरिटी (24 कैरेट) का भरोसा मिलेगा। चूंकि यह पूरा सिस्टम रेगुलेटेड है, इसलिए शुद्धता को लेकर धोखाधड़ी की कोई गुंजाइश नहीं बचती।

क्यों खास माना जा रहा है यह सिस्टम?
NSE के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्रीराम कृष्णन का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म सोने के बाजार को मुख्य वित्तीय बाजार से जोड़ने का काम करेगा। अभी भारत में ज्यादातर सोना असंगठित तरीके से खरीदा जाता है। EGR के आने से रिटेल निवेशक, बड़े ज्वेलर्स और रिफाइनर्स एक ही जगह पर ट्रेड कर सकेंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी भारत की स्थिति और मजबूत होगी।

18 मई से शुरू होने वाला EGR सिस्टम भारत में गोल्ड निवेश की तस्वीर बदल सकता है। जो लोग अब तक चोरी, लॉकर खर्च और शुद्धता की चिंता की वजह से सोने में निवेश करने से बचते थे, उनके लिए यह नया विकल्प आसान और सुरक्षित साबित हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। निवेशकों को सलाह है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले वित्तीय सलाहकार और प्रमाणित विशेषज्ञों से राय लें।

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