पटना
बिहार में 7 मई 2026 को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच ने माननीयों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। मुख्यमंत्री सहित 35 में से 31 मंत्रियों के शपथ पत्रों का जो विश्लेषण सामने आया है, वह आम जनता के लिए काफी हैरान करने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सरकार के 90 फीसदी मंत्री 'करोड़पति' की श्रेणी में आते हैं और इन सभी माननीयों की औसत संपत्ति सवा छह (6.32) करोड़ रुपये बैठती है। केवल धन-दौलत ही नहीं,
बल्कि लगभग आधे मंत्रियों पर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
रमा निषाद सबसे अमीर तो संजय कुमार सबसे गरीब मंत्री
संपत्ति के मामले में औंराई विधानसभा से निर्वाचित भाजपा विधायक रमा निषाद सबसे आगे हैं। उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 31.86 करोड़ रुपये घोषित की है, जो पूरे मंत्रिमंडल में सर्वाधिक है। वहीं, इसके ठीक विपरीत बखरी से लोजपा (रा) के विधायक संजय कुमार मंत्रिमंडल के सबसे 'गरीब' मंत्री हैं। उनकी कुल संपत्ति महज 22.30 लाख रुपये है। इसके अलावा, कर्ज के मामले में शिवहर से श्वेता गुप्ता पर सबसे अधिक 4.05 करोड़ रुपये की देनदारी है। कुल 31 में से 20 मंत्रियों ने अपने ऊपर देनदारी घोषित की है।
जदयू के सभी 13 मंत्री करोड़पति, भाजपा के 13
एडीआर की इस रिपोर्ट के मुताबिक, 31 में से 28 सदस्य करोड़पति हैं। पार्टीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सभी 13 के 13 मंत्री करोड़पति हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 15 में से 13 मंत्री, लोजपा (रामविलास) के 2 में से 1 और हम (सेक्युलर) के एकमात्र मंत्री भी करोड़पति क्लब में शामिल हैं। कुल मिलाकर बिहार कैबिनेट में धनकुबेरों का अच्छा-खासा दबदबा है।
48% मंत्रियों पर आपराधिक केस
धन के साथ-साथ इस मंत्रिमंडल में दागी चेहरों की भी कमी नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 में से 15 मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 9 मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। शिक्षा की बात करें तो 22 मंत्री स्नातक या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं, जबकि 8 मंत्री 10वीं से 12वीं पास हैं।

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