February 27, 2026

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Gold and Silver : गिरावट के बीच एक्सपर्ट ने सुझाया निवेश का नया रास्ता

उड़ान डेस्क। सोना और चांदी के भाव में बीते दिनों हुई रिकॉर्ड गिरावट ने बाजार में डर का माहौल पैदा कर दिया है। घबराए हुए निवेशकों ने सुरक्षा के लिए सोने का रुख किया, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। पिछले कुछ सत्रों में सोने की कीमतों में भी करीब 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

इधर, पिछले कुछ दिनों से जारी चांदी की चमक अचानक फीकी पड़ गई है। शानदार रिटर्न की उम्मीद में चांदी पर दांव लगाने वाले निवेशकों को तब बड़ा झटका लगा, जब महज एक कारोबारी दिन में इसकी कीमतें 25 फीसदी तक लुढ़क गईं।

इस भारी गिरावट ने बाजार में डर का माहौल पैदा कर दिया है। घबराए हुए निवेशकों ने सुरक्षा के लिए सोने का रुख किया, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। पिछले कुछ सत्रों में सोने की कीमतों में भी करीब 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

क्या है एक्सपर्ट की सलाह?

बाजार के जानकारों ने पहले ही आगाह किया था कि केवल सोना या चांदी जैसी मेटल में सारा पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन अधिकतर निवेशकों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। फाइनेंस एक्सपर्ट का मानना है कि सोना और चांदी अपनी अत्यधिक अस्थिरता के लिए जाने जाते हैं। सिर्फ इन्हीं पर दांव लगाना निवेश के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है। उनके अनुसार, जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो एक ही एसेट क्लास में निवेश करना पोर्टफोलियो को असुरक्षित बना देता है।

मल्टी एसेट एलोकेशन फंड बना बेहतर ऑप्शन

मौजूदा संकट को देखते हुए एक्सपर्ट अब निवेशकों को मल्टी एसेट एलोकेशन म्यूचुअल फंड्स की सलाह दे रहे हैं। ये फंड कमोडिटी, इक्विटी और डेट का एक संतुलित मिश्रण पेश करते हैं।

सेबी के नियमों के मुताबिक, इन फंड्स के लिए कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास में 10-10 फीसदी निवेश करना अनिवार्य है। फंड मैनेजरों के पास यह आजादी होती है कि वे बाजार की स्थिति को देखते हुए यह तय करें कि किस समय किस सेक्टर में कितना पैसा लगाना है। इससे जोखिम कम होता है और रिटर्न में स्थिरता आती है।

रिटर्न के मामले में इक्विटी फंड्स को छोड़ा पीछे

आंकड़ों पर गौर करें तो मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने पिछले कुछ साल में निवेशकों को मालामाल किया है। इस कैटेगरी में निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है, जिसने एक साल में 23.97% और तीन साल में 22.62% का रिटर्न दिया है।

अगर टॉप 10 मल्टी एसेट फंड्स की बात करें, तो उन्होंने पिछले एक साल में औसतन 20.26% की दर से बढ़त दिखाई है। यह प्रदर्शन शुद्ध इक्विटी फंड्स के मुकाबले काफी बेहतर है, जिनका औसत रिटर्न इसी अवधि में केवल 16.62% रहा।

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