May 22, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

पटना में गंगा किनारे अवैध मिट्टी खनन का खुलासा, पुलिस पर उठे सवाल

पटना

पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित एनटीपीसी थाना क्षेत्र के ढीबर गांव के पास गंगा किनारे अवैध मिट्टी खनन का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां लगातार तीन रातों तक अवैध मिट्टी कटाई होती रही, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। जिस जगह मिट्टी की कटाई की जा रही है, वहीं से एनटीपीसी प्लांट के लिए पानी की सप्लाई भी होती है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

रातभर चलता रहा अवैध खनन
स्थानीय लोगों के अनुसार, ढीबर गांव के दियारा इलाके में लगातार रातभर गंगा बालू और मिट्टी की कटाई की जा रही थी। लोगों का आरोप है कि एनटीपीसी थाना की मिलीभगत से यह अवैध खनन हो रहा है, जिससे खनन माफियाओं का मनोबल बढ़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को सबकुछ पता होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

एसडीपीओ की छापेमारी, लेकिन माफिया फरार
मामले की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ रामकृष्णा ने देर रात मौके पर छापेमारी की। हालांकि, छापेमारी की भनक लगते ही सभी खनन माफिया मौके से फरार हो गए। छापेमारी के दौरान खेतों में करीब 15 फीट तक गहरे गड्ढे पाए गए। इसके बाद एसडीपीओ ने तुरंत खनन विभाग को इसकी जानकारी दी।

पहले भी हो चुके हैं हादसे
स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले बारिश के दौरान खेतों में बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से कई लोगों की डूबकर मौत हो चुकी है। अब एनटीपीसी डैम के पास खुदाई होने से ग्रामीण किसी बड़े हादसे की आशंका से डरे हुए हैं।

किसान रातभर कर रहे खेतों की रखवाली
अवैध मिट्टी कटाई से परेशान किसान अब रातभर जागकर अपने खेतों की निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एनटीपीसी थाना से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर यह अवैध खनन चल रहा था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

रोज लाखों की कमाई का आरोप
एक स्थानीय व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि जिस जमीन से मिट्टी काटी जा रही है, उसे एनटीपीसी ने अधिग्रहित कर रखा है। हालांकि, मुआवजा नहीं मिलने के कारण किसान अभी भी उस जमीन पर खेती कर रहे हैं।  उसने बताया कि खनन माफिया एक ट्रिप मिट्टी 800 रुपये में बेचते हैं। इसमें 300 रुपये ट्रैक्टर मालिक को दिए जाते हैं, जबकि 500 रुपये माफिया के पास बचते हैं। बताया गया कि करीब 20 ट्रैक्टर लगाए गए हैं और हर ट्रैक्टर लगभग 20 ट्रिप मिट्टी की ढुलाई करता है। इस हिसाब से प्रतिदिन करीब 400 ट्रिप मिट्टी बेची जा रही है और माफिया रोज लगभग दो लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं। स्थानीय व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि छह दिनों तक लगातार मिट्टी कटाई हुई और माफियाओं ने लगभग “50 प्रतिशत पर थाना मैनेज” कर रखा था।

एसडीपीओ ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
एसडीपीओ रामकृष्णा ने बताया कि ढीबर दियारा में मिट्टी कटाई की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई थी। मौके पर कोई व्यक्ति नहीं मिला, लेकिन मिट्टी कटाई के स्पष्ट निशान पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की अवैध कटाई से पर्यावरण समेत कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अब पुलिस खुद इस पूरे इलाके की निगरानी करेगी। एसडीपीओ ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध मिट्टी कटाई हो रही हो तो तुरंत सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने खनन माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि नियम और कानून के तहत ही कोई काम किया जाए। अगर कोई अवैध गतिविधि पाई गई तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

Spread the love