चंपारण
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में अप्रैल में जहरीली शराब से दस लोगों की मौत मामले में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने 14 मद्यनिषेध पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। विभाग ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी कर दिया। सीएम सम्राट चौधरी का कहना है कि राज्य में नीतीश कुमार द्वारा लागू मद्य निषेध कानून लागू रहेगा। जो भी लोग, जनता या अधिकारी शराबबंदी कानून का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सरकार करेगी।
निलंबित होने वाले मद्यनिषेध पदाधिकारियों में मोतिहारी सदर के उत्पाद निरीक्षक मनीष सर्राफ, चलिष्णु दल के मद्यनिषेध निरीक्षक मो. सेराज, सिकरहना सह सदर के मद्यनिषेध निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार के साथ मद्यनिषेध अवर निरीक्षक उदय कुमार, मुकेश कुमार, नागेश कुमार और धर्मेंद्र झा शामिल हैं। इसके अलावा सहायक अवर निरीक्षक (मद्यनिषेध) अजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार सिंह, रोशनी कुमारी, बसंत कुमार महतो, कबिन्द्र कुमार, रंजीत कुमार और शशि ऋषि शामिल हैं। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय ग्रुप सेंटर मद्यनिषेध भागलपुर निर्धारित किया गया है।
तुरकौलिया जहरीली शराब कांड में दो एएसआई निलंबित
पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र में पिछले माह जहरीली शराब से हुई 10 मौत के मामले में दो एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के बाद मद्यनिषेध उपायुक्त, दरभंगा की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में घटनास्थल से जब्त अवैध स्प्रिट में मेथेनॉल की भारी मात्रा पाई गई, जो मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक होता है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए विभाग ने मोतिहारी के मद्यनिषेध थाने में पदस्थापित एएसआई रंजीत कुमार व रौशनी कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मद्यनिषेध ग्रुप सेंटर, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है। बीते अप्रैल में रधुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र के परसौना, गदरिया व बालगंगा गांव में जहरीली शराब पीने से एक के बाद एक कुल 10 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, दर्जनों लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे, जिनका इलाज अलग-अलग जगहों पर कराया गया।
मद्य निषेध विभाग ने इस घटना के बाद मोतिहारी के मद्यनिषेध थाने में पदस्थापित एएसआई रौशनी कुमारी व रंजीत कुमार से स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही मद्यनिषेध उपायुक्त, दरभंगा को मामले की जांच सौंपी थी। दरभंगा उपायुक्त ने घटनास्थल की जांच करते हुए अवैध स्प्रिट के नमूने जब्त किये थे।
जांच में मद्यनिषेध थाने की लापरवाही साबित
जांच में पता चला कि पिछले कई माह से मोतिहारी मद्यनिषेध थाना शराब और स्प्रिट के धंधे की जांच ही नहीं कर रहा था। इस मामले में थाने को न कोई गुप्त सूचना मिल पायी और न ही उसने कोई एहतियाती या निरोधात्मक कदम उठाये। इतना ही नहीं घटनास्थल से जब्त स्प्रिट में मेथेनॉल की अधिक मिलावट पाई गई, जो मानव जीवन के लिए खतरनाक है। इस मामले में दोनों एएसआई के स्प्ष्टीकरण को विभाग ने अमान्य करार दिया है। अंतत: मद्यनिषेध विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार ने शुक्रवार को दोनों एएसआई को निलंबित कर दिया।

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