PM Ujjwala Yojana New Rule : प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के करोड़ों लाभार्थियों के लिए नियम बदल गए हैं। सरकार ने एलपीजी सब्सिडी से जुड़े प्रावधानों में बड़ा संशोधन किया है, जिससे सालभर मिलने वाला कुल लाभ कम हो जाएगा। पढ़िए क्या है पूरी खबर…
पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े संकट के कारण तेल और गैस की कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है। अब इस संकट का असर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर भी साफ नजर आने लगा है।
इस स्कीम के तहत मिल रहे रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में केंद्र सरकार ने बड़ी कटौती की है। सरकार पहले उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में 9 सिलेंडरों पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर के हिसाब से सब्सिडी देती थी। लेकिन नए नियम के मुताबिक अब केवल पहले 4 रिफिल पर ही सब्सिडी दी जाएगी। यानी अब एक परिवार को साल में अधिकतम 1,200 रुपये की सब्सिडी ही मिल पाएगा जो पहले 2700 रुपये था।
सरकार का कहना है कि यह फैसला उज्ज्वला परिवारों की औसतन गैस खपत को ध्यान में रखकर लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक एक सामान्य उज्ज्वला परिवार सालभर में औसतन करीब 4 गैस सिलेंडर ही रिफिल कराता है।
तेल कंपनियों को हो रहा है भारी नुकसान
पिछले कुछ दिनों में देश में गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है। सरकारी तेल कंपनियां पहले ही कह चुकी है कि वे घरेलू गैस सिलेंडर पर भारी नुकसान उठा रही हैं। इसी कड़ी में अब सरकार का यह फैसला लोगों की परेशानी को और बढ़ा सकता है।
10.5 करोड़ से ज्यादा दिए मुफ्त एलपीजी कनेक्शन
PMUY की शुरुआत मई 2016 में की गई थी। इस योजना का मकसद गरीब परिवारों की महिलाओं को साफ-सुथरा ईंधन उपलब्ध कराना था। सरकार के मुताबिक, अब तक 10.5 करोड़ से ज्यादा मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
एलपीजी को सस्ता बनाए रखने के लिए सरकार ने मई 2022 में 200 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी शुरू की थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया। पेट्रोलियम मंत्रालय के डेटा के मुताबिक सरकार अब तक एलपीजी सब्सिडी पर 52,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर चुकी है।
घरेलू गैस सिलेंडर की क्या है कीमत?
फिलहाल 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर दिल्ली में आम ग्राहकों को 942 रुपये में मिल रहा है। वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले चार सिलेंडरों के लिए 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद 642 रुपये का भुगतान करना होगा।
योजना शुरू होने के समय लाभार्थियों को साल में 12 रियायती सिलेंडर मिलते थे। बाद में यह संख्या घटाकर 9 कर दी गई और अब इसे घटाकर सिर्फ 4 सिलेंडर कर दिया गया है।

Related Posts
सैन्य आत्मनिर्भरता में बड़ी उपलब्धि, 1.78 लाख करोड़ पहुंचा भारत का रक्षा उत्पादन
Air India का ‘बेसिक किराया’ लांच : यात्री अपने बजट के मुताबिक चुन सकेंगे टिकट
मेस्सी की जादुई हैट्रिक : 39 की उम्र में रचा इतिहास, दागी विश्व कप हैट्रिक