June 22, 2026

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CM डॉ.मोहन यादव की सलाह : कीटनाशक और रासायनिक खाद की बजाए प्राकृतिक खेती अपनाएं किसान

भोपाल। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की है। राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान (सिपेट) भोपाल में ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला सह कृषक संगोष्ठी’ में अपने संबोधित में मुख्यमंत्री ने किसानों को सलाह देत हुए कहा कि रासायनिक और कीटनाशक दवाएं नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए जैविक खेती को अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों को उपज का सही दाम मिले, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। पहले सोयाबीन पर भावांतर योजना के माध्यम लाभ दिया, उसके बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देकर किसानों से गेहूं खरीदा है। राज्य सरकार ने किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदकर उन्हें प्रति क्विंटल 2625 रुपए भुगतान किया है। प्रकृति हमारी मां है।

राज्य सरकार प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। इससे धरती माता की उर्वरक क्षमता भी बढ़ेगी और विदेशी रासायनिक खाद पर निर्भरता भी घटेगी। लोगों को प्राकृतिक तरीके से उगाए देसी ज्वार, बाजरा और गेहूं-चना का स्वाद मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को दूध उत्पादन से भी जोड़ा जा रहा है। इसका दोहरा लाभ आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक खाद निर्माण में भी मिलेगा।

रासायनिक खाद से नुकसान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि फसलों में बेहिसाब कीटनाशक और रासायनिक खाद का उपयोग नुकसानदेह है। इससे कैंसर जैसी कई घातक बीमारियां जन्म लेती हैं। राज्य सरकार ने किसानों को पुन: प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए पहल की है, इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आज मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक प्राकृतिक खेती करने वाला राज्य है। प्राकृतिक खेती की उपज को उचित दाम दिलवाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। हमारी प्राकृतिक खेती से दुनिया लाभान्वित हों, इसी भाव से कार्य करते हुए प्रदेश में तेजी से गोशालाओं का विस्तार किया जा रहा है। किसान गोबर और गौमूत्र से खाद बनाकर खेतों में डालें, इसी उद्देश्य से गोपालक किसानों को राज्य सरकार प्रति गाय 1100 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। गोमाता प्राकृतिक खेती में सबसे अधिक मददगार है।

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