भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पिछले 72 घंटे किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे. जिस टीम ने पिछले तीन-चार वर्षों में टी20 क्रिकेट में अपना दबदबा कायम किया, लगातार बड़े टूर्नामेंट जीते और दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में अपनी पहचान बनाई. वही टीम अब एक ऐसे झटके से उबरने की कोशिश कर रही है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत छोटी क्रिकेट टीम ने न केवल भारत को पहली बार किसी भी अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में हराया, बल्कि दो मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप कर इतिहास भी रच दिया. बेलफास्ट में 26 जून को मिली पहली जीत को शुरुआत में एक उलटफेर माना गया था, लेकिन दो दिन बाद दूसरी जीत ने साबित कर दिया कि यह महज संयोग नहीं था, बल्कि आयरिश टीम का शानदार प्रदर्शन और भारत की बड़ी नाकामी थी.
पहली बार आयरलैंड से हारा भारत
भारतीय टीम ने इससे पहले कभी भी आयरलैंड के खिलाफ किसी भी फॉर्मेट में मुकाबला नहीं गंवाया था. लेकिन इस बार आयरलैंड ने पहले मैच में जीत हासिल कर इतिहास बनाया और फिर दूसरे मुकाबले में भी भारत को मात देकर पहली बार किसी भी द्विपक्षीय सीरीज में टीम इंडिया का क्लीन स्वीप कर दिया. यह हार इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि भारत लगातार दो बार टी20 विश्व चैंपियन बनने के बाद इस सीरीज में उतरा था और पिछले दो वर्षों में टी20 क्रिकेट में उसकी बादशाहत कायम थी.
दो साल बाद टूटा टी20 अजेय अभियान
2023 में आयरलैंड दौरे पर 2-0 से सीरीज जीतने के बाद से लेकर टी20 विश्व कप 2026 जीतने तक भारतीय टीम लगातार 16 टी20 सीरीज और टूर्नामेंट में अजेय रही थी. इस दौरान भारत ने एशिया कप, टी20 विश्व कप और कई द्विपक्षीय सीरीज अपने नाम कीं. लेकिन आयरलैंड के खिलाफ मिली हार ने इस शानदार सिलसिले का अंत कर दिया. इतना ही नहीं, 2019 के बाद पहली बार किसी टीम ने टी20 द्विपक्षीय सीरीज में भारत का क्लीन स्वीप भी किया.
गंभीर के कार्यकाल में बड़ी सफलताएं भी मिलीं
जुलाई 2024 में मुख्य कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने भारतीय टीम की रणनीति में कई बदलाव किए. युवा खिलाड़ियों को लगातार मौके दिए गए और कई नए चेहरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल साबित हुए. उनकी कोचिंग में भारत ने एशिया कप और टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीता. इसके अलावा 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी भी अपने नाम की. सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन लंबे समय तक शानदार रहा और टीम लगातार जीत दर्ज करती रही.
लेकिन टेस्ट क्रिकेट में लगातार मिली निराशा
जहां सीमित ओवरों में सफलता मिली, वहीं टेस्ट क्रिकेट में गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम को कई ऐतिहासिक हार झेलनी पड़ीं. सबसे पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 साल बाद टेस्ट मैच जीतने का रिकॉर्ड बनाया. इसके बाद उसने लगातार तीनों टेस्ट जीतकर पहली बार भारतीय सरजमीं पर टेस्ट सीरीज अपने नाम की. यह 2011 के बाद पहली बार था जब भारत अपने घर में कोई टेस्ट सीरीज हार गया. इतना ही नहीं, क्रिकेट इतिहास में पहली बार किसी टीम ने भारत को उसके घर में कम से कम तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप किया. बेंगलुरु टेस्ट में भारत पहली पारी में सिर्फ 45 रन पर सिमट गया, जो घरेलू मैदान पर उसका अब तक का सबसे कम टेस्ट स्कोर रहा.
दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका ने भी तोड़ी भारत की बादशाहत
गंभीर के कार्यकाल में दक्षिण अफ्रीका ने भी 1999 के बाद पहली बार भारत आकर टेस्ट सीरीज जीती. उसने भारत को 2-0 से हराकर क्लीन स्वीप किया. इसी तरह श्रीलंका ने भी 27 साल बाद भारत को वनडे सीरीज में शिकस्त देकर बड़ा उलटफेर किया. वहीं न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत को उसकी धरती पर वनडे सीरीज में भी हराया. इन हारों के साथ गौतम गंभीर पिछले 25 वर्षों में पहले भारतीय कोच बन गए, जिनके कार्यकाल में भारत ने घरेलू मैदान पर दो टेस्ट सीरीज गंवाईं.
अब उठने लगे हैं सवाल
गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने जहां कई बड़े खिताब जीते हैं, वहीं कई ऐसे रिकॉर्ड भी बने जिन्हें भारतीय क्रिकेट कभी याद नहीं रखना चाहेगा. आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली 2-0 की हार ने एक बार फिर टीम के प्रदर्शन, खिलाड़ियों के चयन, रणनीति और कोचिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि भारतीय टीम इस हार से कितनी जल्दी उबरती है और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में अपने पुराने दबदबे को दोबारा स्थापित कर पाती है या नहीं.

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