शिवसेना UBT नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने राम मंदिर में कथित चंदा गबन मामले को ‘आस्था के साथ खिलवाड़’ करार दिया है। उन्होंने मांग की कि पूरे ट्रस्ट को भंग किया जाए और सभी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई हो, तभी न्याय संभव है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “इतने बड़े धोखे के बाद इस ट्रस्ट को भंग करना जरूरी है। तभी मुझे लगता है कि राम मंदिर में हुई चोरी के मामले में न्याय हो पाएगा। इस ट्रस्ट के सभी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि अभी जो लोग हिरासत में हैं वे सिर्फ ‘छुटभैया’ हैं और किसी की निगरानी में काम कर रहे थे। प्रियंका ने सवाल उठाया, “कौन थे जिनकी निगरानी में यह काम हो रहा था, कौन थे जिनके संरक्षण में हो रहा था? इसकी जांच से SIT बच रही है क्योंकि इसमें बड़े नाम हैं।”
संसद के आगामी मॉनसून सत्र पर बात करते हुए प्रियंका ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “इस बात में कोई संदेह नहीं कि भाजपा जब दो-तिहाई बहुमत नहीं ला पाई, उसके बाद TMC की हार होना, उनके सांसद टूटना, जो सांसद टूटे हैं उनका नए समूह में शामिल होना दिखाता है कि पूरी जोड़-तोड़ की कोशिश हो रही है। चाहे इसमें शिवसेना UBT के सांसद हों, जिन्हें लिया गया।”
उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर चुप क्यों हैं। प्रियंका ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले का स्वतः संज्ञान लेगा।
महिला आरक्षण पर प्रियंका ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उनका मानना है कि परिसीमन का मुद्दा महिला आरक्षण से जुड़ा है। “इसका समाधान निकालना हर राजनीतिक पार्टी की जिम्मेदारी है। महिलाओं से किए गए वादे को पूरा करना – यानी 2029 तक उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना – सरकार और विपक्ष, दोनों की साझा जिम्मेदारी है।”

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