हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक महाशिवरात्रि 15 फरवरी हो है। इस अवसर पर देशभर में धूमधाम और श्रद्धा भक्ति से भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है। भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और मंदिर जाकर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। अगर आप शिवरात्रि के मौके पर कहीं घूमने जाने का मन बना रहे हैं तो भारत के इन प्रसिद्ध शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान की शरण में पहुंचें। यहां आपको भगवान शिव का दर्शन करने का मौका मिलेगा और उनके आशीर्वाद से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाएंगी।
सोमनाथ मंदिर (गुजरात)

गुजरात के सोमनाथ में स्थित सोमनाथ मंदिर पुराने और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है, जो हिंदू धर्म के 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला है। यह मंदिर समुद्र के किनारे स्थित है और इसकी सुंदरता लोगों को आकर्षित करती है। महाभारत के अनुसार, यह मंदिर चंद्र देवता द्वारा बनाया गया था, जिन्होंने भगवान शिव की पूजा की थी। इस मंदिर में आने से आपको एक अलग ही अनुभव मिलेगा और मन को शांति का अहसास होगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी)

वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर को काशी के सबसे पुराने और पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर में भगवान शिव के सबसे प्रसिद्ध रूपों में से एक की पूजा की जाती है। यह भी 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जिसे 1780 में महारानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित किया गया था। इसके सोने से बने गुंबदों के कारण इसे ‘स्वर्ण मंदिर’ कहते हैं। वैसे तो यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं, लेकिन शिवरात्रि पर ज्यादा भीड़ होती है।
मल्लिकार्जुन मंदिर (आंध्र प्रदेश)

आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में स्थित मल्लिकार्जुन मंदिर दक्षिण भारत के पुराने शिव मंदिरों में से एक है। यह मंदिर नदी के किनारे स्थित है और इसकी बनावट बहुत ही आकर्षक है। इस मंदिर में भगवान शिव के साथ-साथ देवी पार्वती की भी पूजा की जाती है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों और 18 शक्तिपीठों में से एक होने की वजह से ‘दक्षिण का कैलाश’ कहलाता है। यहां शिवरात्रि के दिन विशेष भीड़ रहती है।
कैलाशनाथन मंदिर (तमिलनाडु)

तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में स्थित कैलाशनाथन मंदिर बहुत ही पुराने शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। इसके अंदर 2 प्राचीन मंदिर गिने जाते हैं। इनमें कांचीपुरम का 8वीं सदी का पल्लवकालीन मंदिर और एलोरा की गुफा 16 में स्थित राष्ट्रकूटकालीन अखंड मंदिर शामिल हैं। यह कांचीपुरम के सबसे प्राचीन और शानदार मंदिरों में से एक है। मंदिर में देवी पार्वती और भगवन शिव की नाचती हुई मूर्तियां स्थापित हैं, जिन्हें देखकर दिल खुश हो जाता है।

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