न्यूयॉर्क
ईरान से वार्ता के बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य कार्रवाई की धमकी देने से भी नहीं चूक रहे हैं। दोनों देशों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर शिप कैरिबिनय शिप में तैनात करने जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे मध्य एशिया भेजने का आदेश दे दिया है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका का यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ट शिप मध्य एशिया की तरफ रवाना हो चुका है। यह मई तक कैरीबियन शी में ही रुक सकता है।
अमेरिका के इस शिप के साथ यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और तीन गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर भी होंगे। इस शिप को भूमध्य सागर से कैरीबियन सागर में अक्टूबर में ही भेज दिया गया था। माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला में अभियान चलाने से पहले तैयारी पूरी कर रहे थे। इसके बाद पिछले महीने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया और अमेरिका ले आया गया।
ईरान को हमले की धमकी
इजरायल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हमले की धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान उसकी बातों पर सहमत नहीं होता है तो जून की तरह के हमले एक बार फिर किए जाएंगे। नेतन्याहू के साथ इस मुलाकात में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत जारी रखने पर जोर दिया। अमेरिका ईरान के साथ परमाणु समझौते को आगे बढ़ाना चाहता है।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच यह मुलाकात 'व्हाइट हाउस' (अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ''यह मुलाकात बहुत अच्छी रही और दोनों देशों के बीच शानदार रिश्ते जारी रहेंगे।'' उन्होंने कहा, ''कुछ भी निश्चित नहीं हुआ है, सिवाय इसके कि मैंने ईरान के साथ बातचीत पर यह देखने के लिए जोर दिया कि यह समझौता हो सकता है या नहीं।'
बीते दिनों ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि वह इस बा की गारंटी दे सकते हैं कि ईरान कोई परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। हालांकि अमेरिका को भी आश्वासन देना चाहिए परमाणु शक्ति के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का हक उससे नहीं छीना जाएगा।
ईरान ने नौ फरवरी को कहा था कि अगर उस पर लगे प्रतिबंध हटा दिये जाते हैं तो वह अपने 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को डायल्यूट (गुणवत्ता कम) करने को तैयार है। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी (एमएनए) के मुताबिक, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि अगर बदले में सभी प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं तो ईरान यूरेनियम की गुणवत्ता कम करने पर विचार कर सकता है।

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