March 27, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

भोपाल में ‘पाताल’ से दौड़ेगी मेट्रो, 15 मीटर नीचे उतरी TBM मशीन; पुराने शहर में शुरू होगा सुरंग निर्माण

भोपाल

राजधानी में मेट्रो रेल परियोजना अब अपने सबसे चुनौतीपूर्ण और रोमांचक चरण में प्रवेश कर रही है। भोपाल मेट्रो की आरेंज लाइन के तहत भोपाल रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टैंड तक 3.39 किलोमीटर लंबे भूमिगत कॉरिडोर के निर्माण की तैयारी पूरी हो चुकी है।

इस ट्विन टनल को बनाने के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का पहला पार्ट क्रेन के जरिए करीब 15 मीटर जमीन की गहराई में उतारा जा चुका है। तकनीकी इंस्टालेशन और जांच के बाद मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह से जमीन के अंदर सुरंग बनाने के लिए जमीन की खोदाई का काम शुरू हो सकता है। पुल पातरा और सिंधी कालोनी में एक अंडरग्राउंड रैंप बनाया जाएगा, जिसके जरिए मेट्रो ट्रेन भूमिगत स्टेशन तक पहुंचेगी।

दिसंबर में बेंगलुरु से आई थी टीबीएम मशीन

यह टीबीएम मशीन दिसंबर 2025 में बेंगलुरु से भोपाल पहुंची थी। टीबीएम के कुल तीन से चार बड़े हिस्से हैं, जिन्हें एक-एक कर जमीन के नीचे उतारा जाएगा। पूरी तरह असेंबल होने के बाद यह मशीन 19 से 20 मीटर की गहराई पर जाकर सुरंग के लिए जमीन की खोदाई करेगी। यह टनल भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे शहर के सबसे घने और व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। हालांकि मेट्रो प्रबंधन का दावा है कि टीबीएम से खोदाई के दौरान किसी भी प्रकार का कंपन नहीं होगा और ऊपर रहने वाले लोगों को इसका आभास भी नहीं होगा।
पुरानी इमारतों की सुरक्षा और विरासत की चुनौती

सुरक्षा के लिहाज से प्रबंधन उन पुरानी इमारतों और होटलों को लेकर सतर्क है जो पुल पातरा से सिंधी कालोनी के बीच स्थित हैं। इनमें से कई इमारतें काफी जर्जर और पुरानी हैं। इस भूमिगत तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि शहर के व्यस्ततम रास्तों के नीचे काम चलने के बावजूद ऊपर का ट्रैफिक और ऐतिहासिक विरासतें पूरी तरह अप्रभावित रहेंगी। यह पूरा प्रोजेक्ट पैकेज बीएच-04 के तहत संचालित किया जा रहा है।
एक नजर में भूमिगत कॉरिडोर (ऑरेंज लाइन)

    क्षेत्र: भोपाल रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टैंड तक
    टनल की लंबाई: लगभग 3.39 किलोमीटर
    संरचना: 02 समानांतर सुरंगें
    गहराई: 20 मीटर की गहराई में सुरंग बनाएगी मशीन

मशीन की तकनीकी क्षमता

    नाम: टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम)
    आगमन: दिसंबर 2025 (बेंगलुरु से भोपाल लाई गई)
    व्यास: 5.8 मीटर
    क्षमता: एक मशीन की प्रतिदिन 15 मीटर खोदाई की क्षमता
    स्थिति: 15 मीटर गहराई पर उतारा गया मशीन का पहला पार्ट

 

Spread the love