नईदिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत ढह गई है। इस घटना में 3 लोगों की मौत हो गई है और कम से कम 9 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। अभी भी मलबे में कई लोग दबे हैं। बताया जा रहा है कि हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ, जब इमारत भरभराकर गिर गईं। फिलहाल बचाव अभियान जारी है।
इमारत में था हॉस्टल
रिपोर्ट के मुताबिक, ये इमारत बहुमंजिला थी और इसमें एक हॉस्टल भी था। यही वजह है कि दबे हुए लोगों में कई छात्र हैं। ये भी खबर है कि इमारत 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें निर्माण कार्य चल रहा था। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि स्थानीय लोग मलबा हटाने के काम में एजेंसियों के साथ जुटे हैं। वहीं, बचाए गए लोगों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
चश्मदीद ने कहा- इमारत में कई छात्र फंसे
एक चश्मदीद ने कहा, “गिरी हुई इमारत का नाम ‘हॉस्टल डेज’ है। इसके बगल में एक और इमारत भी गिर गई है। ‘हॉस्टल डेज’ लड़कों का PG था। जो छात्र अपने कमरों में थे, वे मलबे में फंस गए। कितने छात्र फंसे हैं, इसकी सही संख्या रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड देखने के बाद ही पता चलेगी। कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। बचावकर्मी काफी मुश्किल से उन्हें बाहर निकाल रहे हैं।”
मुख्यमंत्री बोलीं- घटना से बेहद चिंतित हूं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ‘सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से बहुत चिंतित हूं। एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है। फंसे हुए लोगों को निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’
DUSU अध्यक्ष बोले- 15 छात्रों को बचाया गया
DUSU अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा, “अब तक करीब 10-15 छात्रों को बचाया जा चुका है। कुछ अभी भी अंदर फंसे हैं। हम उनके संपर्क में हैं और NDRF की टीम मौके पर पहुंच गई है। मैंने मुख्यमंत्री से बात की है और छात्रों की मदद के लिए अन्य टीमें पहुंच रही हैं। अभी तक किसी मौत की खबर नहीं है।”
केजरीवाल बोले- सरकार को नींद से जागना होगा
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा, ‘सत्य निकेतन, दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए। दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। सरकार को नींद से जागना होगा। बड़े स्तर पर एक्शन लेकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है।’

Related Posts
बाढ़ की चपेट में बिहार : गंगा किनारे 13 ज़िले हाई अलर्ट पर, सीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण
मप्र में 15 सितंबर से होंगे धान खरीदी के लिए पंजीयन
बिहार : कर्मचारियों पर CBI कार्रवाई से पहले राज्य सरकार की अनुमति जरूरी