चंडीगढ़.
पंजाब में बिजली बिलों के मोबाइल मैसेज में पुराने और नए मीटर की रीडिंग शामिल करने की मांग उठी है। असल में, पावरकॉम की तरफ से कंज्यूमर्स को भेजे जाने वाले मोबाइल मैसेज में सिर्फ अकाउंट नंबर और कुल रकम की जानकारी होती है और नई और पुरानी रीडिंग के बिना खपतकार के लिए समझना मुश्किल हो जाता है कि बिल सही है या नहीं, जिससे बिजली विभाग के प्रति अविश्वास पैदा होता है।
यह मांग जाने-माने समाजसेवी संजीव कुमार टोनी, प्रीतिंदर सिंह ढींडसा, सतपाल सिंह सत्ता सूरजगढ़, मनजीत सिंह मोटेमाजरा, दलजीत सिंह बिल्लू मोही, हरप्रीत सिंह अमला आदि ने उठाई है और कहा है कि बिजली खपतकारों के हित में बिजली बिलों के मोबाइल मैसेज में पुराने और नए मीटर की रीडिंग शामिल की जानी चाहिए। ऊपर बताए गए नेताओं ने मांग की है कि पावरकॉम की तरफ से खपतकार को भेजे जाने वाले मोबाइल मैसेज में सिर्फ अकाउंट नंबर और टोटल अमाउंट होती है और नई और पुरानी रीडिंग के बिना खपतकार के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कितने यूनिट बिजली खर्च हुई है, बिल सही है या नहीं।
इलाके के युवाओं ने मांग की कि डिजिटल जमाने में पारदर्शिता लाना जरूरी है और पावरकॉम की तरफ से भेजे जाने वाले मोबाइल मैसेज में नई और पुरानी रीडिंग दिखाई जानी चाहिए ताकि खपतकारों को भेजे गए बिल को समझने में कोई दिक्कत न हो।

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