पटना
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता लालू यादव और तेजस्वी यादव के लिए बिहार में कांग्रेस मुसीबत बनती जा रही है। राज्यसभा चुनाव में 5वीं सीट लड़ रहे राजद के मौजूदा सांसद अमरेंद्रधारी सिंह उर्फ एडी सिंह को वोट देने के लिए कांग्रेस के एक-दो नहीं तीन-तीन विधायक अब तक नहीं पहुंचे हैं। तेजस्वी के लिए खुद का सबक भी है कि उनके एक विधायक भी अब तक नहीं आए हैं। तेजस्वी यादव बड़े जतन ने असदुद्दीन ओवैसी और मायावती की पार्टी एआईएमआईएम और बीएसपी का समर्थन जुटाकर एडी सिंह की जीत के लिए घट रहे 6 वोटों का इंतजाम कर लिया था। लेकिन महागठबंधन के अपने 4 विधायकों के वोट से दूर रहने से लग रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने खेल कर दिया है।
बीजेपी कैंडिडेट शिवेश राम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 5वें कैंडिडेट हैं, जिनके पास एनडीए के चार कैंडिडेट को जिताने के बाद बचे 38 वोट हैं। महागठबंधन ने ओवैसी और मायावती के विधायक का साथ लेकर अपनी संख्या 35 से 41 कर ली थी, लेकिन कांग्रेस के 3 और राजद के 1 विधायक के अब तक वोट नहीं डालने से एडी सिंह 41 से 37 पर जाते दिख रहे हैं। 243 सीटों वाली विधानसभा में 239 वोट गिर चुके हैं। इससे जीत का कोटा भी नीचे जा सकता है, जिसे 100 के गुना में जोड़ा और देखा जाता है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी महागठबंधन के सीट बंटवारे में बहुत देरी और किचकिच को हार के कई कारणों में एक माना गया था, जिसकी वजह कांग्रेस थी।
कांग्रेस के वाल्मीकि नगर के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास और मनिहारी एमएलए मनोहर प्रसाद सिंह जबकि राजद के ढाका विधायक फैसल अली का वोट अभी तक नहीं गिरा है। तेजस्वी यादव विधानसभा में मौजूद हैं और अब तक इस सवाल को टाल रहे हैं कि उनके साथ खेल हो चुका है। तेजस्वी ने कहा है कि मतदान का समय शाम 4 बजे तक है, तब तक वो इंतजार करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजों के बाद ही वह इन मसलों पर कुछ कहेंगे।
फिलहाल चार विधायकों के वोट नहीं करने से एनडीए को 5वीं सीट पर भी बढ़त की संभावना प्रबल हो रही है। अगर वोट डाल चुके बाकी विधायकों ने कुछ इधर-उधर ना किया हो, जिससे वोट कैंसिल हो जाए या क्रॉस वोटिंग कर दी हो तो एनडीए के सारे कैंडिडेट दिल्ली पहुंच जाएंगे। शिवेश राम भी एडी सिंह को पूर्व सांसद बनाकर राज्यसभा के सदस्य बन जाएंगे। एनडीए के बाकी चार कैंडिडेट में जेडीयू के अध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार, भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन, जेडीयू के केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं।

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