February 26, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

क्रिप्टो सेक्टर : गलत या अधूरी जानकारी दी तो देनी होगी पैनल्टी

बजट 2026 में क्रिप्टो सेक्टर के लिए सख्त अनुपालन नियमों का प्रावधान

उड़ान डेस्क। डिजिटल एसेट सेक्टर पर निगरानी मजबूत करने और टैक्स चोरी को रोकने के लिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। शेयर बाजार की तरह ही अब क्रिप्टो सेक्टर को लेकर भी सरकार गंभीर है और नए नियमों पर काम कर रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में क्रिप्टो सेक्टर के लिए सख्त अनुपालन नियमों की घोषणा की है। इस अनुपालन से सरकार ने साफ कर दिया है कि अब क्रिप्टो एसेट से जुड़े लेनदेन की रिपोर्टिंग में लापरवाही करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

तो लगेगा जुर्माना

बजट में इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत क्रिप्टो लेनदेन की जानकारी तय समय पर न देने वाली रिपोर्टिंग संस्थाओं पर 200 रुपए प्रति दिन का जुर्माना लगेगा, वहीं गलत जानकारी देने या गलती सुधारने में चूक करने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना देना होगा। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।

क्रिप्टो एक्सचेंजों ने किया स्वागत

हालांकि, सरकार के इस कदम का क्रिप्टो एक्सचेंजों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे रिपोर्टिंग के नियम स्पष्ट होंगे और यूजर्स का जोखिम कम होगा। CoinDCX के को फाउंडर सुमित गुप्ता ने कहा कि बजट 2026 क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के लिए अनुपालन को मजबूत करता है। इससे वर्चुअल डिजिटल एसेट में टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी और इंडस्ट्री एक सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ेगी।
इसी तरह CoinSwitch के को फाउंडर आशीष सिंघल ने भी इस फैसले को सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि 200 रुपए प्रतिदिन का जुर्माना और गलत रिपोर्टिंग पर 50 हजार रुपए का दंड क्रिप्टो इंडस्ट्री में टैक्स और रिपोर्टिंग के उच्च मानक तय करता है।

ग्रोथ और इनोवेशन पर असर संभव

हालांकि, इंडस्ट्री को चिंता यह है कि जब तक 1 प्रतिशत टीडीएस और 30 प्रतिशत फ्लैट टैक्स जैसे कड़े नियमों में राहत नहीं दी जाती, तब तक ग्रोथ और इनोवेशन पर असर पड़ सकता है. आशीष सिंघल ने कहा कि मौजूदा टैक्स ढांचा कई निवेशकों और स्टार्टअप्स को विदेशी प्लेटफॉर्म की ओर धकेल सकता है, जिससे यूजर्स कानूनी और वित्तीय जोखिम में पड़ सकते हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग और गलत गतिविधियों पर रोक

यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाल ही में Financial Intelligence Unit ने क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए नए सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत नए यूजर्स की पहचान के लिए लाइव सेल्फी, लोकेशन ट्रैकिंग और बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से मनी लॉन्ड्रिंग और गलत गतिविधियों पर रोक लगेगी। बजट 2026 में क्रिप्टो सेक्टर के लिए संदेश साफ है, सरकार पारदर्शिता और अनुपालन चाहती है।

Spread the love