April 13, 2026

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AAP नेता हत्याकांड का नामजद दलबीरा आया सामने, किए कई बड़े खुलासे

जालंधर.

आम आदमी पार्टी नेता लक्की ओबेरॉय हत्याकांड से जुड़ी नई अपडेट सामने आई है। इस मामले में नामजद दलबीर सिंह उर्फ दलबीरा पहली बार मीडिया के सामने आया और कई बड़े खुलासे किए हैं। दलबीरा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उसने दावा किया कि उसका लक्की ओबरॉय की हत्या से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें राजनीतिक रंजिश के चलते केस में घसीटा गया है।

दलबीरा ने सच बताते हुए कहा कि उसकी आज तक कभी लक्की ओबेरॉय से न तो फोन पर बातचीत हुई और न ही किसी तरह का संपर्क था। उन्होंने आरोप लगाया कि लक्की के भाई ने उन पर धमकी देने के झूठे आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, उनकी पुरानी रंजिश शशि शर्मा उर्फ बुद्धी के साथ है, जो लक्की का दोस्त बताया जाता है। दलबीरा ने कहा कि, बुद्धी के साथ पहले मारपीट की घटना हुई थी और उसी दुश्मनी के चलते उनका नाम इस मामले में शामिल करवाया गया। दलबीरा का आरोप है कि शशि शर्मा ने ही लक्की के भाई को कहकर उनके खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया। पुलिस और परिवार वाले उस पर लक्की को धमकियां देने की बात कह रहे हैं  जोकि गलत है।

दलबीरा ने आगे कहा कि, उसका किसी तथाकथित ‘प्रधानगी’ विवाद से कोई संबंध नहीं रहा। उन्होंने दावा किया कि छात्र राजनीति या प्रधानगी की वजह से कई युवाओं की जिंदगी बर्बाद हुई है और आज कई आपराधिक गिरोहों की जड़ में यही संस्कृति है। आज के समय में जो भी गैंगस्टर बनता है, उसका बेस ही प्रधानगी है। इसी प्रधानगी के वजह से लक्की हत्या हुई है वह खुद ही इसका शिकार हो गया। लक्की, जोगा और शशि शर्मा शुरू से एक साथ थे। और मेरे विरुद्ध। कालेज में प्रधानगी को लेकर इनके बीच ही विवाद हुआ। लक्की भी इसी माहौल का शिकार हुआ।
उन्होंने दोहराया कि न तो उनकी लक्की से बातचीत हुई और न ही जोगा नामक किसी व्यक्ति से कोई संपर्क था।

दलबीरा ने कहा कि यह पूरा मामला आपसी विवाद का है और उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है। दलबीरा ने आगे कहा कि, वह 2 साल से आपराधिक गतिविधियों से दूर होकर विदेश में बैठ अपनी जिन्दगी शान्ति से जी रहा है। बिना किसी सबूत के उसे गैंगस्टर कहा जा रहा है। उसने कहा कि जब किसी का नाम हत्या मामले में दर्ज किया जाता है उसमें कई तरह की एनक्वायरी होती है। लेकिन मुझे पहले ही गैंगस्टर घोषित कर दिया है, इसमें कोई क्या एनक्वायरी करेगा। इसमें पुलिस को भी पता है कि मेरा नाम जानबूझकर इस केस में शामिल किया जा रहा है। मेरे पर गलत FIR लिखी गई है। 
दलबीरा ने आगे कहा कि हत्या जैसी गंभीर धारा 302 के तहत किसी व्यक्ति को बिना ठोस जांच के नामजद करना गलत है।

उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से निर्दोष लोगों की प्रतिष्ठा और जीवन पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग बाहर बैठकर धमकियां देते हैं और सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर माहौल भड़काते हैं, जिसके चलते बेगुनाह लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

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