केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया बड़ा ऐलान
उड़ान न्यूज, रायपुर। देश के किसानों को अब जल्द ही कानूनी सुरक्षा का मजबूत सुरक्षा कवच मिलने वाला है, केंद्र सरकार अब जल्द ही नए कृषि कानून बनाने की तैयारी कर रही है। यह जानकारी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार 31 जनवरी को छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय प्रवास के दौरान दुर्ग जिले में किसानों से सीधा संवाद करते हुए दी। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को कानूनी सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करने के लिए संसद में जल्द ही नए कृषि कानून लाए जाएंगे।
किसानों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
शिवराज सिंह ने कहा कि किसान की मेहनत, उसकी फसल और उसके भविष्य से खिलवाड़ अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली बीज, नकली खाद और नकली कीटनाशकों के जरिये किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ केंद्र सरकार निर्णायक, कठोर और दंडात्मक कार्रवाई के रास्ते पर आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि किसानों को कानूनी सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करने के लिए संसद में शीघ्र ही नये कृषि कानून लाए जाएंगे।
किसानों के विकास पर ध्यान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान और उनका सर्वांगीण विकास है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व नकली उर्वरकों के जरिये किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जो केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि किसान के साथ सीधा विश्वासघात है। ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों के खेत पहुंचे शिवराज
अधिकारियों ने बताया कि अपने प्रवास की शुरुआत में चौहान ने दुर्ग जिले के गिरहोला और खपरी गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने खेतों की मेड़ पर उतरकर किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने नर्सरी, खेतों और कृषि फार्मों का निरीक्षण करते हुए फसल चक्र, बागवानी, सिंचाई व्यवस्था, बीज उत्पादन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि गिरहोला गांव में केंद्रीय मंत्री ने आम के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया। चौहान ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि किसानों के लिए दीर्घकालीन आय का सशक्त स्रोत भी बन सकता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि के साथ-साथ बागवानी और वृक्ष आधारित खेती को भी अपनाएं।

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