नईदिल्ली। भारतीय एयरलाइन इंडिगो ने बुधवार को अपने अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी के उड़ान कार्यक्रम में बदलाव करने की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि विदेशी परिचालन से जुड़ी कुछ चुनौतियों के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ रहा है। इन चुनौतियों में भू-राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से हवाई क्षेत्र में लगातार बदलाव और भारत व विदेशों में हवाई अड्डों पर भीड़ शामिल है।
कोपनहेगन की उड़ानें होंगी निलंबित
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक इंडिगो ने बताया कि 17 फरवरी से कोपनहेगन (डेनमार्क) के लिए उड़ानों का संचालन रोक दिया जाएगा। एयरलाइन ने कहा कि यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी। कंपनी के बड़े विमानों को परिचालन संबंधी बाहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लंबी दूरी की उड़ानों का समय बढ़ गया है और 787-9 विमानों के संचालन कार्यक्रम पर असर पड़ा है।
दिल्ली-मैनचेस्टर और दिल्ली-लंदन की उड़ानों में कटौती
इसके अलावा, इंडिगो दिल्ली-मैनचेस्टर मार्ग पर भी उड़ानों की संख्या कम करेगी। सात फरवरी से इस मार्ग पर साप्ताहिक उड़ानों की संख्या पांच से घटाकर चार कर दी जाएगी। फिर 19 फरवरी से इसे और कम कर साप्ताहिक तीन कर दिया जाएगा। दिल्ली-लंदन हीथ्रो मार्ग पर भी उड़ानों की संख्या घटाई जाएगी। वर्तमान शीतकालीन समय-सारणी के तहत नौ फरवरी से इस मार्ग पर साप्ताहिक उड़ानों की संख्या पांच से चार कर दी जाएगी।
देरी और कनेक्टिंग फ्लाइट की परेशानी से बचाव
एयरलाइन ने कहा कि यह कदम यात्रियों की सुविधा के लिए उठाया गया है। इंडिगो ने बताया कि लंबी दूरी की उड़ानों में देरी और कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने की समस्या को देखते हुए इस तरह का नेटवर्क समायोजन किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
क्यों हो रहा यह बदलाव
कंपनी के बयान में कहा गया है कि उनके बड़े विमान संचालन में विभिन्न बाहरी कारकों की वजह से देरी हो रही है। इसमें हवाई क्षेत्र की बदलती परिस्थितियां और हवाई अड्डों पर भीड़ सबसे बड़ा कारण हैं। इससे विमानों के समय-सारणी में बदलाव करना जरूरी हो गया। इंडिगो ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कंपनी का कहना है कि लंबी दूरी के मार्गों पर छह 787-9 विमानों के संचालन कार्यक्रम में ये बदलाव लागू होंगे।
कंपनी का बयान
एयरलाइन ने कहा कि वह लगातार अपने संचालन का आकलन कर रही है और जरूरत पड़ने पर और समायोजन कर सकती है। कंपनी का उद्देश्य है कि यात्रियों को उड़ान में देरी या कनेक्टिंग फ्लाइट की वजह से परेशानी का सामना न करना पड़े। इंडिगो के इस निर्णय से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन कंपनी ने इसे आवश्यक कदम बताया है। कंपनी यह भी सुनिश्चित कर रही है कि नई योजना के तहत उड़ानों का संचालन व्यवस्थित और समय पर हो।

Related Posts
बलूचिस्तान क्षेत्र में तनाव बढ़ा, पाक नेवी पर हमले से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
रोहतक से दिल्ली तक जीवन की दौड,ग्रीन कॉरिडोर में 85 मिनट में पहुंचा हार्ट, बची एक जिंदगी
एलपीजी वितरण में गड़बड़ी पर IOC की बड़ी कार्रवाई, 10,600 से अधिक निरीक्षण