April 10, 2026

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झारखंड के लिए रोल मॉडल बना मुजफ्फरपुर का ‘बैग क्लस्टर’, कोडरमा की टीम ने सीखी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तकनीक

 मुजफ्फरपुर

 महिला सशक्तीकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत झारखंड राज्य आजीविका मिशन की पांच सदस्यीय टीम बुधवार को मुजफ्फरपुर पहुंची। टीम ने बेला स्थित बैग क्लस्टर का भ्रमण किया।

जीविका से जुड़ी महिला उद्यमियों की कार्यप्रणाली, उत्पादन प्रक्रिया व उद्यमिता मॉडल का अध्ययन किया। यह मॉडल अब झारखंड राज्य के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में विकसित होने जा रहा है।

झारखंड के कोडरमा जिले के मरकाचो प्रखंड से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी हुलास महतो ने किया। टीम का स्वागत जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनीशा व उद्योग विभाग के महाप्रबंधक विजय शंकर प्रसाद ने किया। बैग क्लस्टर की स्थापना, संचालन व वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी टीम को दी गई।

भ्रमण के दौरान टीम ने क्लस्टर से जुड़ी महिला उद्यमियों व श्रमिकों से संवाद किया। उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया, उपयोग में लाई जा रही मशीनों के प्रकार, लागत, उत्पाद की गुणवत्ता, विपणन रणनीति व श्रमिकों को मिलने वाले पारिश्रमिक एवं सुविधाओं की जानकारी ली।

टीम के सदस्यों ने यह भी जाना कि किस प्रकार जीविका एवं उद्योग विभाग के समन्वय से मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत इस क्लस्टर की स्थापना कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। टीम ने दीदी की रसोई में स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया और जीविका की अन्य गतिविधियों की जानकारी ली।

टीम ने कहा, भ्रमण अत्यंत उपयोगी:
टीम ने जीविका दीदियों द्वारा संचालित बैग क्लस्टर समेत अन्य कार्यों की सराहना की। सदस्यों ने कहा कोडरमा जिले में इसी प्रकार का बैग उत्पादन केंद्र स्थापित करने की दिशा में यह भ्रमण अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इसके बाद टीम के सदस्यों ने डीएम से मुलाकात कर अपने अनुभव साझा किए। डीडीसी श्रेष्ठ अनुपम के साथ बैठक कर कई बिंदुओं पर चर्चा की गई।

टीम में नीति आयोग के प्रतिनिधि अंकित कुमार सिंह, आजीविका मिशन के डीपीएम प्रकाश रंजन, राजीव कुमार सिंह व बीपीएम सूरज कुमार सिंह शामिल थे। मौके पर जीविका के संचार प्रबंधक राजीव रंजन, रितेश कुमार, विकास कुमार, विवेक कुमार, सोनू कुमार आदि थे।

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