बेंगलुरु
भारतीय महिला हॉकी टीम का राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर इस समय कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में चल रहा है। यहां खिलाड़ियों का ध्यान कौशल विकास और सामरिक अनुशासन को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। मुख्य प्रशिक्षक सजोर्ड मारिजने तथा खेल वैज्ञानिक सलाहकार वेन लोम्बार्ड के मार्गदर्शन में 18 वर्षीय मध्य पंक्ति की खिलाड़ी साक्षी राणा अपने खेल को निखारने में जुटी हैं। पिछले वर्ष वरिष्ठ भारतीय टीम में पदार्पण करते हुए स्पेन के विरुद्ध गोल करने वाली साक्षी के लिए यह प्रशिक्षण शिविर निरंतर सीखने और शारीरिक सुदृढ़ता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
साक्षी ने हॉकी इंडिया के हवाले से कहा, “हमारी जो भी कमियां हैं, उन पर प्रतिदिन कार्य कराया जा रहा है। शारीरिक शक्ति, सहनशक्ति और पुनर्बहाली पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षक प्रत्येक बात को सरल और स्पष्ट ढंग से समझाते हैं। वरिष्ठ खिलाड़ी भी हमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करती रहती हैं।” साक्षी की तेज और आक्रामक खेल शैली का विकास हरियाणा के सोनीपत स्थित प्रीतम सिवाच खेल अकादमी में कोच कुलदीप के मार्गदर्शन में हुआ। अब वरिष्ठ स्तर पर उन्हें अपनी गति के साथ सामरिक समझ, पूर्व अवलोकन और मैदान पर संवाद को बेहतर बनाने पर विशेष अभ्यास कराया जा रहा है।
साक्षी ने बताया, “व्यक्तिगत चर्चा में प्रशिक्षक ने कहा कि मैं अपना स्वाभाविक खेल जारी रखूं, लेकिन मध्य क्षेत्र में खेलने के कारण पहले से मैदान का निरीक्षण करना और साथियों से स्पष्ट संवाद बनाए रखना आवश्यक है। सामूहिक बैठकों में हमें यह समझाया जा रहा है कि गेंद को कब अपने पास रखना है और कब साथी खिलाड़ी को पास देना है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बहुत तेजी से बनता है।”
हाल ही में राष्ट्रीय हॉकी लीग में खेलने से उनका आत्मविश्वास और बढ़ा है। वहां शीर्ष विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव उन्हें उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा को समझने में सहायक रहा। साक्षी ने कहा, “इस प्रतियोगिता में खेलने के बाद संवाद और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि हुई है। विदेशी खिलाड़ी यिब्बी जानसेन को मध्य क्षेत्र में खेलते देख मुझे काफी सीखने को मिला।”
भारतीय टीम अब 8 से 14 मार्च तक तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ महिला विश्व कप 2026 चयन प्रतियोगिता की तैयारियों में व्यस्त है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के विरुद्ध करेगा। इसके बाद 9 मार्च को स्कॉटलैंड तथा 11 मार्च को वेल्स से मुकाबला होगा।
साक्षी ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा, “मैं प्रतिदिन यही सोचकर मैदान पर उतरती हूं कि मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। यदि चयन प्रतियोगिता में खेलने का अवसर मिला तो लक्ष्य केवल विजय प्राप्त करना होगा। अभी हमारा ध्यान प्रतिदिन कठोर अभ्यास करना और प्रशिक्षक की रणनीति को पूरी निष्ठा से लागू करना है।”

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