उड़ान डेस्क। केंद्र की मोदी सरकार ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दे दी है, पर क्या इससे वाकई स्टार्टअप इकोसिस्टम की नैया पार लग पाएगी। यह हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि, बीते कुछेक सालों में कई स्टार्टअप्स ने दम तोड़ दिया है। सरकार की इस मंशा को भारत को विश्व का स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रोत्साहन प्लान माना जा रहा है। दरअसल, भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को दुनिया में सबसे अग्रणी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय निवेश करने का फैसला किया है।
जमीनी स्तर पर उतारने की जरुरत
उद्योग जगत के जानकारों की मानें तो स्टार्टअप या अन्य उद्योगों के विकास को लेकर सरकार ऐसी कई योजनाएं लेकर आती तो है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका उतना लाभ नहीं मिल पता। स्टार्टअप के लिए जमीन से लेकर फंड जुटाने और निवेश के नियमों में भी कई नियम शर्तें रुकावटें बनती हैं, जिन पर भी सरकार को ध्यान देने की जरुरत है। स्टार्टअप्स भी मानते हैं कि नियमों में लचीलापन जरुरी है।
क्या है स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए वेंचर कैपिटल जुटाने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपए के कुल कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 (स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0) की स्थापना को मंजूरी दी है। उम्मीद की जा रही है कि इससे नए स्टार्टअप्स को मजबूती से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
स्टार्टअप पर सरकार का विशेष फोकस
स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 का उद्देश्य दीर्घकालिक घरेलू पूंजी जुटाकर, वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को मजबूत करके और देश भर में नवाचार-आधारित उद्यमिता का समर्थन करके भारत की स्टार्टअप यात्रा के अगले चरण को बढ़ावा देना है। स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत शुरू किया गया, स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0 भारत को दुनिया के अग्रणी स्टार्टअप देशों में से एक बनाने के लिए लगभग एक दशक के निरंतर प्रयासों पर आधारित है।
जोखिम को कम करने में मिलेगी मदद
फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) एक निवेश माध्यम है जो सीधे स्टार्टअप या कंपनियों में निवेश नहीं करता है। इसके बजाय, यह अन्य वेंचर कैपिटल या प्राइवेट इक्विटी फंडों में निवेश करता है। इससे जोखिम को कम करने में मदद मिलती है और अनुभवी फंड मैनेजरों द्वारा धन का प्रबंधन किया जा सकता है।
उच्च गुणवत्ता रोजगार सृजन का लक्ष्य
स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 से भारत के नवाचार-आधारित विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रौद्योगिकियों, उत्पादों और समाधानों का निर्माण करने वाले स्टार्टअप्स को समर्थन देकर, यह फंड भारत की आर्थिक मजबूती बढ़ाने, विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देने, उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित करने और भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में योगदान देगा।
स्टार्टअप इंडिया FoF 2.0 की प्रमुख विशेषताएं
- स्टार्टअप इंडिया FoF 2.0 : यह भारतीय नवाचार को अगले स्तर तक ले जाने के लिए बनाया गया है। यह नया फंड लक्षित और खंडित वित्तपोषण दृष्टिकोण अपनाएगा।
- गहन तकनीक और तकनीक-आधारित नवोन्मेषी विनिर्माण: उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में सफलताओं को प्राथमिकता देना जिनमें धैर्यपूर्ण, दीर्घकालिक पूंजी की आवश्यकता होती है।
- प्रारंभिक विकास चरण के संस्थापकों को सशक्त बनाना: नए और नवोन्मेषी विचारों के लिए एक सुरक्षा जाल प्रदान करना, धन की कमी के कारण होने वाली प्रारंभिक चरण की विफलताओं को कम करना।
- राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच: प्रमुख महानगरों से परे निवेश को प्रोत्साहित करना ताकि नवाचार देश के हर कोने में फले-फूले।
- उच्च जोखिम वाले पूंजी अंतर को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया: आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अधिक पूंजी का निर्देशन करना।
- खासकर भारत के घरेलू वेंचर कैपिटल आधार को मजबूत करना, विशेष रूप से छोटे फंडों को मजबूत करना, घरेलू निवेश परिदृश्य को और बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।

Related Posts
AI Data Center : भारत के लिए क्यों है खास और क्या हैं अवसर?
स्टार्टअप या नौकरी? जानिए क्या रहेगा आपके लिए बेहतर?
Chai Business : हल्के में मत लेना ‘चाय वाले’ को, यहां समझिए कमाई का पूरा गणित