नासिक। (वार्ता के इनपुट के साथ)
महाराष्ट्र के नासिक में साइबर क्राइम का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां शेयर बाजार के नाम भारी मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से 73 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। इस धोखाधड़ी को एक ऑनलाइन सेमिनार के जरिए अंजाम दिया गया। इसमें शामिल एक संदिग्ध दंपति और उनके सहयोगियों ने निवेश के नाम पर पीड़ित को अपना शिकार बनाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय पीसे के नेतृत्व में जांच की जा रही है। घटना को शेयर बाजार में वित्तीय निवेश पर आयोजित एक ऑनलाइन सेमिनार के दौरान अंजाम दिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
पुलिस ने बताया कि इस मामले में ज्यादा मुनाफा के नाम पर कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। नासिक साइबर पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला, रजिस्टर संख्या 13/2026 भारतीय दंड संहिता की धारा 318 (4), 316 (2) 316 (5), 1999 अधिनियम की धारा 3, 4, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 (डी) के अंतर्गत दर्ज किया गया। जिन संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें शरणपुर रोड निवासी प्रसिद्ध ज्योतिषी सचिन देशमुख (43) शामिल हैं।
ऐसे बनाते थे अपना शिकार
नासिक शहर के एक व्यवसायी की शिकायत के अनुसार, संदिग्ध ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे संपर्क कर शेयर बाजार में वित्तीय निवेश की जानकारी दी। ठगों ने उनसे लगातार संपर्क किया और उन्हें शेयर बाजार में निवेश, मुनाफा कमाने के तरीके, पैसा बढ़ने और रिटर्न प्राप्त करने के बारे में विस्तृत जानकारी देकर उनका विश्वास जीता। इसके बाद संदिग्धों ने उन्हें लालच देकर निवेश करने के लिए मजबूर किया कि अगर वे निवेश करेंगे तो उन्हें बहुत आर्थिक लाभ मिलेगा।
कई बार में हुई 73 लाख की ठगी
सामने आई जानकारी के मुताबिक, व्यवसायी ने धीरे-धीरे वित्तीय निवेश करना शुरू किया। संदिग्धों ने नासिक में एक सेमिनार का आयोजन किया। इस दौरान, उन्होंने आमने-सामने बैठक की और उन्हें वित्तीय निवेश के लाभों की जानकारी दी। इस दौरान ठगों के कहने पर व्यवसायी ने अलग-अलग दिनों में एचडीएफसी बैंक के संदिग्ध खाते में 73 लाख रुपया जमा किए। लेकिन जब इस पर कोई रिटर्न नहीं मिला तो उसे संदेह हुआ। व्यवसायी ने पूछने के लिए संदिग्ध से संपर्क भी किया लेकिन उसे कोई ठोस जवाब नहीं मिला, जिसके बाद उसने पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज की।
पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक और अपराध शाखा के उपायुक्त रविंद्र कुमार चव्हाण के आदेश पर इस संबंध में मामला दर्ज किया गया। साइबर अपराध के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय पिसे नासिक के नेतृत्व में आगे की जांच चल रही है।

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