चंडीगढ़
इंटरनेट मीडिया पर बंदूक संस्कृति (गन कल्चर) और अशोभनीय एवं भ्रामक कंटेंट परोसने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने चेतावनी दी है कि आपत्तिजनक कंटेंट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इंटरनेट मीडिया पर इस साल 10 अप्रैल तक आपत्तिजनक, भ्रामक और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कुल 6083 यूआरएल/कंटेंट/एप/वेबसाइट को हटवाया गया है। मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप) से जुड़े 4278, यू ट्यूब से 1172, एक्स (पूर्व में ट्विटर) से 372, अन्य प्लेटफार्म से 167, टेलीग्राम से 53, रेडिट से 36 तथा स्नैपचैट से पांच आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया गया है।
डीजीपी ने कहा कि हथियारों का महिमामंडन, हिंसा को बढ़ावा, महिलाओं का अश्लील प्रदर्शन, बच्चों और लड़कियों के अभद्र व अशोभनीय चित्रण तथा हरियाणा और हरियाणवी समाज की गलत छवि प्रस्तुत करने वाले फर्जी कंटेंट पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सामाजिक मूल्यों को आहत करती हैं, बल्कि प्रदेश की शांति और सौहार्द्र को भी प्रभावित करती हैं।
इस तरह की असामाजिक और भ्रामक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का दुष्प्रचार या भ्रामक प्रस्तुति, जो प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाए, उसे सख्ती से रोका जाएगा।
डीजीपी ने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ इंटरनेट मीडिया का उपयोग करें और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में योगदान दें। साथ ही चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समाज में अशांति फैलाने, गलत संदेश देने या सांस्कृतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Related Posts
लखीमपुर में CM योगी का बड़ा ऐलान: 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि अधिकार, 417 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
PM Shram Yogi Mandhan Yojana में तेजी, कई जिलों ने बनाया रिकॉर्ड; गाजियाबाद-बस्ती आगे
सीएम योगी ने मियांपुर का नाम बदलकर ‘रविंद्रनगर’ किया, 331 परिवारों को जमीन