March 25, 2026

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तेजस्वी के करीबी देवा गुप्ता ने सुबह शादी की सालगिरह की पोस्ट, शाम को STF ने पटना में किया गिरफ्तार

पटना.

देवा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर पत्नी के साथ शादी की सालगिरह का भावुक संदेश साझा किया। कुछ ही घंटों बाद बिहार एसटीएफ ने पटना में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 301 में हुई। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने दबिश दी और हिरासत में लिया।

देवा को राजद नेता तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है।गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। पुलिस के अनुसार देवा गुप्ता पर हत्या, लूट, रंगदारी और जमीन कब्जे सहित 28 केस दर्ज हैं। मोतिहारी पुलिस की 100 अपराधियों की सूची में उनका नाम सबसे ऊपर था। एसपी ने उन पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। दो मामलों में वह लंबे समय से फरार बताए जा रहे थे। उन्हें 10 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कानूनी राहत ली थी।

हाईकोर्ट से मिली थी अंतरिम राहत
करीब दो महीने पहले पटना हाईकोर्ट ने सख्त कार्रवाई पर रोक लगाई थी। देवा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक कार्रवाई टालने को कहा गया था। इसके बाद पुलिस की सीधी कार्रवाई कुछ समय के लिए रुकी रही। देवा ने अपने खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों का हवाला देते हुए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सुनवाई पूरी होने तक दंडात्मक कदम नहीं उठाए जाएंगे। अब STF की कार्रवाई के बाद कानूनी स्थिति फिर चर्चा में है।

पत्नी मेयर, राजनीति में सक्रियता
देवा गुप्ता की पत्नी प्रीति कुमारी मोतिहारी नगर निगम की मेयर हैं। 2022 में मेयर चुनाव से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। 2025 में राजद ने देवा को चुनावी मैदान में उतारा था। इससे पहले लोकसभा टिकट की भी दावेदारी की गई थी। गिरफ्तारी के बाद प्रीति कुमारी ने कार्रवाई को बेवजह बताया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में बेल और स्टे मिल चुका है।

तेजस्वी का नाम चर्चा में, सियासत गरम
गिरफ्तारी के बाद तेजस्वी यादव का नाम राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था से जोड़कर सवाल उठा रहा है।
राजद खेमे में इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया जा रहा है। एसटीएफ की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा है। मामले ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। अब नजरें जांच एजेंसी और अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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