उड़ान न्यूज डेस्क। देश की आर्थिक दिशा को एक नई गति देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 रविवार को संसद में लगातार अपना 9वां बजट पेश किया। ‘विकसित भारत’ के संकल्प को केंद्र में रखते हुए, इस बजट में मध्यम वर्ग की ‘ईज ऑफ लिविंग’, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग की मजबूती और ग्रामीण सशक्तीकरण का एक व्यापक खाका खींचा गया है। यह बजट केवल वित्तीय आवंटन का दस्तावेज नहीं, बल्कि तकनीक और सरलीकरण के मेल से तैयार किया गया भविष्य का एक विजन है।
नए ‘इनकम टैक्स एक्ट’ का आगाज और मैन्युफैक्चरिंग क्रांति
बजट 2026 की सबसे बड़ी घोषणा नया आयकर अधिनियम है, जो अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। इसका उद्देश्य दशकों पुराने जटिल नियमों को समाप्त कर करदाताओं के लिए प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाना है। वहीं, ‘आत्मनिर्भर भारत’ को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए सरकार ने I SM 2.0 (Indian Semiconductor Mission) के तहत रू 40,000 करोड़ के भारी-भरकम निवेश की घोषणा की है, जिससे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक हब बन सके।
मध्यम वर्ग और शिक्षा पर विशेष ध्यान
वित्त मंत्री ने मध्यम वर्ग को बड़ी सौगात देते हुए किराए पर TDS की सीमा को रू 2.40 लाख से सीधे रू 6 लाख कर दिया है। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों को कर छूट में बड़ी राहत मिली है। शिक्षा के क्षेत्र में, विदेश जाकर पढ़ने वाले छात्रों के लिए TCS की दर को घटाकर 2% करना एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा।
बजट 2026 की मुख्य बातें
- वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान: टैक्स छूट की सीमा रू 50,000 से बढ़ाकर रू 1 लाख की गई। यानी अब बुजुर्गों को एफडी और बचत खातों से होने वाली रू 1 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
- किसान-AI क्रांति: ‘भारत-विस्तार’ प्लेटफॉर्म के जरिए 1.7 करोड़ किसानों को आधुनिक कृषि सलाह।
- महिला सशक्तीकरण: ग्रामीण उद्यमियों के लिए ‘SHE-Marts’ और छात्राओं के लिए हर जिले में STEM हॉस्टल। ‘SHE-Marts’ विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित ऐसे आधुनिक रिटेल आउटलेट्स होंगे, जहाँ महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के कौशल को एक संगठित बाजार उपलब्ध कराया जाएगा।
- बुनियादी ढांचा: 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और राज्यों को रू 1.5 लाख करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण।
- स्वास्थ्य: जिला अस्पतालों की क्षमता में 50% वृद्धि और आयुर्वेद पर विशेष जोर।
- सस्ती तकनीक: मोबाइल और EV पार्ट्स पर सीमा शुल्क कम होने से गैजेट्स और इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते होंगे।
- राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य: सरकार ने वित्त वर्ष 2026 में राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा है, जो वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता की दिशा में अहम कदम है।
- बायोफार्मा क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपए और तीन नए संस्थानों की स्थापना, ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर की घोषणा की गई।
- कस्टम ड्यूटी में बदलाव नहीं : बजट 2026 में सरकार ने कस्टम ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया है, जो बताता है कि सोने और चांदी पर सरकार स्थिरता का रुख अपनाते हुए डिजिटल निवेश को बढ़ावा देना चाहती है। कस्टम ड्यूटी में बदलाव न होने और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को आकर्षक बनाने के संकेतों से सराफा बाजार को स्थिरता में मदद मिलेगी।
शेयर बाजार: निवेशकों को लगेगा झटका
- शेयर बायबैक पर अब शेयरधारकों को कैपिटल गेन्स टैक्स देना होगा।
- महंगी कमोडिटी: कमोडिटी फ्यूचर्स पर STT की दर 0.02% से बढ़ाकर 0.05% की गई। राजकोषीय अनुशासन:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की अस्थिरता के बीच 4.3% के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पाना चुनौतीपूर्ण होगा।
- पुरानी व्यवस्था की अनदेखी: बजट का पूरा झुकाव ‘नई टैक्स व्यवस्था’ की ओर है, जिससे पुराने टैक्स स्लैब वाले करदाताओं को अधिक लाभ नहीं मिला।

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