- पेट्रोल, डीजल और LPG की घबराहट में खरीदारी (panic buying) न करें लोग
नईदिल्ली।
प्रवासी मजदूरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने 5 किलो के सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। नए नियमों के मुताबिक, राज्यों को अब पहले के मुकाबले दोगुनी मात्रा में ये सिलेंडर मिलेंगे। सरकार ने खाड़ी देशों में तनाव की वजह से गैस सप्लाई में आई बाधाओं के बीच ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए ये कदम उठाया है।
यानी केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए बाजार मूल्य पर बिकने वाले 5 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर का रोजाना कोटा दोगुना कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि जारी पत्र के जरिए राज्यों को दैनिक कोटा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। ये कोटा मार्च की शुरुआत की औसत दैनिक आपूर्ति का दोगुना कर दिया गया है।
दिल्ली में 5-किलो के सिलेंडर की कीमत 549 रुपए है, जबकि 14.2-किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपए है। 5-किलो के सिलेंडर LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर सीधे काउंटर से उपलब्ध हैं। इसके लिए बस एक साधारण पहचान पत्र दिखाना होता है (पते के प्रमाण की ज़रूरत नहीं होती)। रेगुलर घरेलू कनेक्शन पूरी KYC प्रोसेस के बाद दिए जाते हैं।
पुरानी सीमाओं को किया गया खत्म
इस फैसले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पहले से तय की गई सीमाओं से ऊपर और अतिरिक्त होगा। इससे पहले 21 मार्च 2026 को मंत्रालय ने आवंटन पर 20 फीसदी की एक सीमा तय की थी। लेकिन ताजा आदेश में साफ किया गया है कि अब सिलेंडरों की संख्या दोगुनी करने का यह फैसला उस पुरानी सीमा के दायरे से बाहर होगा। इसका मतलब है कि राज्यों के पास अब बहुत बड़ी मात्रा में सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध होगा, जिससे वे बिना किसी तकनीकी रुकावट के अधिक से अधिक प्रवासी मजदूरों तक अपनी पहुंच बना सकेंगे।
मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा पर असर
सरकार का यह फैसला न केवल ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि यह मजदूरों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देगा। अक्सर देखा गया है कि छोटे सिलेंडर उपलब्ध न होने की स्थिति में प्रवासी मजदूरों को अवैध तरीके से रिफिल किए गए सिलेंडर या महंगे और असुरक्षित विकल्पों का सहारा लेना पड़ता था। 5 किलो के आधिकारिक फ्री ट्रेड सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ने से उन्हें सुरक्षित और वाजिब दाम पर गैस मिलेगी।
इससे उनके समय की बचत होगी और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य ‘इज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देना और समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। आने वाले दिनों में सभी राज्य इस आदेश को लागू करने के लिए अपनी कार्ययोजना तैयार करेंगे।
क्यों फायदेमंद है 5kg का सिलेंडर?
बता दें कि 5 किलो का LPG सिलेंडर खासतौर पर उन लोगों के लिए ही बनाया गया है, जो अस्थायी रूप से कहीं रह रहे हैं। इसका कनेक्शन लेने के लिए आपको स्थायी पता यानी एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं होती है। यह हल्का होता है और आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसकी कीमत बड़े सिलेंडर से कम होती है। इसके अलावा ये छोटे परिवार, छात्र और किराएदारों के लिए बेहतर विकल्प है।
कैसे मिलेगा 5kg के LPG सिलेंडर का कनेक्शन?
- अपने नजदीकी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाएं।
- कोई भी वैध पहचान पत्र दिखाएं जैसे आधार, ऑफिस ID या कॉलेज ID।
- इसके बाद आपको एक छोटा-सा डिपॉजिट जमा होगा।
- इतना करते ही आप तुरंत सिलेंडर लेकर घर जा सकते हैं।
कमर्शियल एलपीजी का आवंटन 70 फीसदी
सरकार ने कमर्शियल LPG के आवंटन को भी संकट-पूर्व स्तरों के लगभग 70 फीसदी तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही नियमों के पालन पर भी सख्ती बढ़ा दी है। जमाखोरी और कालाबाज़ारी पर रोक लगाने के लिए अब तक 4,300 से अधिक जगहों पर छापे मारे जा चुके हैं। उन्होंने नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और LPG की घबराहट में खरीदारी (panic buying) न करने की अपील की। इस बात पर जोर दिया कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

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