March 25, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

अयोध्या दर्शन पर नहीं लगेगा कोई शुल्क, केशव प्रसाद मौर्य ने सदन में किया साफ

लखनऊ
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में काशी और अयोध्या में सुगम दर्शन शुल्क को लेकर उठे सवालों पर सरकार ने स्पष्ट किया कि श्रीराम मंदिर अयोध्या में सुगम दर्शन के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है, जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर में शुल्क निर्धारण का अधिकार संबंधित न्यास परिषद के पास है। उप मुख्यमंत्री एवं सदन के नेता केशव प्रसाद मौर्य ने प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर का संचालन मंदिर न्यास परिषद द्वारा किया जाता है और सुगम दर्शन शुल्क से जुड़े सभी निर्णय भी वही लेती है। इसके विपरीत राम मंदिर अयोध्या में सुगम दर्शन के लिए कोई शुल्क लागू नहीं है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच काशी में सुगम दर्शन के लिए लगभग 10.7 लाख श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची जारी की गई। उन्होंने कहा कि सामान्यत: प्रदेश के मंदिरों में सुगम दर्शन शुल्क लागू करने का निर्णय संबंधित ट्रस्ट या मंदिर प्रबंधन द्वारा लिया जाता है, जबकि राज्य सरकार सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं की निगरानी करती है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2017 में जहां लगभग 77 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 17 करोड़ से अधिक हो गई।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है। वर्ष 2014 में लगभग 28 हजार विदेशी श्रद्धालु आए थे, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या करीब 3.99 लाख और वर्ष 2025 में 3.21 लाख रही। मौर्य ने कहा कि काशी, अयोध्या और प्रयागराज सहित प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर बढ़ती श्रद्धालु संख्या बेहतर व्यवस्थाओं और सुविधाओं का प्रमाण है। सरकार तीर्थ स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को और सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता है।

Spread the love