यूपीएससी एनडीए (UPSC NDA) परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। इस साल कुछ 742 अभ्यार्थी सफल हुए हैं। उनमें से 651 पुरुष हैं और 91 महिलाएं हैं। वहीं इस बार UPSC एनडीए के टॉपर पार्थ कुमार तिवारी बने हैं। पार्थ को देशभर में पहली रैंक मिली है। आइए जानते हैं पार्थ कुमार तिवारी के बारे में सबकुछ…
बलिया के निवासी हैं पार्थ
यूपीएससी एनडीए की परीक्षा में टॉप करने वाले पार्थ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले हैं। हालांकि अभी वो मिलिट्री कॉलेज में 12वीं की क्लास में हैं। पार्थ के पिता सैनिक स्कूल के रिटायर टीचर हैं और उनकी मां भी एक प्राइवेट टीचर हैं। पार्थ के टॉप करने पर उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल है।
कहां से हुई है पार्थ की स्कूलिंग
पार्थ का जन्म 2009 में कर्नाटक में हुआ था और उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी कर्नाटक के कोडगु जिले में हुई है। पार्थ ने कक्षा 6-7 की पढ़ाई नवोदय विद्यालय से की है। इसके बाद कक्षा 8 में उनका चयन राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (RIMS), देहरादून में हो गया। अब वो यहीं रहकर पढ़ते हैं।
जनवरी में हुआ था पार्थ का इंटरव्यू
पार्थ ने साल 2025 में एनडीए की लिखित परीक्षा दी थी, उसमें पास होने के बाद उनका साल 2026 के जनवरी में SSB का इंटरव्यू हुआ था। अब एनडीए का रिजल्ट जारी कर दिया गया है और पार्थ ने टॉप किया है। बेटे के टॉप करने का पता चलते ही पार्थ के पिता तुरंत देहरादून के लिए निकल गए हैं।
अब आगे क्या करेंगे पार्थ?
पार्थ भी देशभर में टॉप करने पर काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि वो देहरादून से 12वीं के बाद एनडीए पुणे में रहकर ट्रेनिंग करेंगे और अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करेंगे।
क्या करता है पार्थ का परिवार?
पार्थ के पिता रिटायर टीचर हैं और माता जी भी शिक्षिका हैं। वहीं पार्थ की दो बहन भी हैं। बड़ी बहन संध्या तिवारी बंगलुरू में इंजीनियर है, जबकि दूसरी बहन कोर्ट में अधिवक्ता है।
यूपीएससी एनडीए क्या होता है?
UPSC NDA परीक्षा एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है जिसे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) आयोजित करता है। इसका उद्देश्य भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी बनने के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करना है। इस परीक्षा में लिखित टेस्ट और SSB इंटरव्यू शामिल होते हैं, जिसके बाद मेडिकल टेस्ट भी होता है। सफल उम्मीदवारों को पुणे स्थित नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) में तीन साल की ट्रेनिंग दी जाती है, जहां वे सैन्य शिक्षा और शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
ये परीक्षा 12वीं पास युवाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित अवसरों में से एक है। आर्मी विंग के लिए किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास होना पर्याप्त है, जबकि एयरफोर्स और नेवी विंग के लिए फिजिक्स और मैथ्स अनिवार्य हैं। परीक्षा साल में दो बार होती है (NDA I और NDA II), और चयनित उम्मीदवार आगे चलकर भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करते हैं। संक्षेप में, NDA परीक्षा देश के भविष्य के सैन्य नेताओं की नींव तैयार करती है।

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