March 25, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

हरियाणा में मौसम अलर्ट: 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह

हिसार.

हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मौसम ने करवट ले ली है। हाल ही में हुई वर्षा, ओलावृष्टि के असर से तापमान में गिरावट आई है। सुबह-शाम ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना है। आगामी दिनों में मौसम में बड़े बदलाव के संकेत हैं। भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, करनाल व पानीपत में आरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य 16 जिलों में येलो अलर्ट है।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि ऊपरी सतह पर चलने वाली जेट धाराओं में बदलाव के कारण पश्चिमी विक्षोभ अब दक्षिण की ओर सक्रिय हो रहा है। 18 मार्च की रात से एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 19 से 21 मार्च के बीच हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम वर्षा होगी। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी है। दक्षिणी पंजाब व उत्तरी राजस्थान में चक्रवातीय परिसंचरण बनने से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी पहुंचेगी। मौसमी गतिविधियां तेज होंगी। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश में दिन और रात के तापमान में और गिरावट आएगी। लोगों को मार्च में ही हल्की सर्दी का अहसास हो सकता है।

हाल ही में हुई ओलावृष्टि व वर्षा के चलते सभी जिलों में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना है। मंगलवार को हिसार का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सिरसा का न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम रहा। सबसे अधिक तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस मेवात का रहा। मेवात का न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मंगलवार को कितना रहा तापमान?
जिला     न्यूनतम तापमान (°C)     अधिकतम तापमान (°C)
अंबाला     14.0     29.7
हिसार     11.0     28.7
करनाल     11.7     27.5
महेंद्रगढ़     13.1     28.0
रोहतक     14.8     28.7
भिवानी     14.1     29.5
चरखी दादरी     14.2     29.9
गुरुग्राम     14.4     31.5
जींद     11.4     27.8
करनाल     12.5     29.6
मेवात     15.3     31.6

किसानों को बरतनी होगी विशेष सावधानी
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में जल-जमाव न होने दें। निकासी की उचित व्यवस्था करें कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढकें। ओलावृष्टि के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें। सब्जियों व कतार वाली फसलों में मिट्टी चढ़ाएं। वर्षा के पूर्वानुमान के दौरान उर्वरक व कीटनाशकों का छिड़काव न करें। तेज हवाओं के दौरान सिंचाई से बचें।

 

Spread the love